vishal panwar August 14, 2020


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्रदेश के बाढ़ प्रभावित 40 जिलों के जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करेंगे। कई जिलों के अधिकारियों के खिलाफ जनप्रतिनिधियों की शिकायतें हैं और कई जनप्रतिनिधियों द्वारा अफसरों की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल उठाए जा रहे हैं। 

जनप्रतिनिधियों की नाराजगी की खबरों के बीच बाढ़ पर चर्चा के बहाने ही सही मुख्यमंत्री द्वारा सांसदों -विधायकों की मौजूदगी में 40 जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों से संवाद की पहल बहुत अहम है।

प्रदेश में इस समय बाढ़ के मद्देनजर 24 जिले अतिसंवेदनशील व 16 संवेदनशील श्रेणी में हैं। मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास से इन जिलों के सांसदों, विधायकों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, सिंचाई विभाग के अधिकारियों, पशु चिकित्सा अधिकारियों व जिला पंचायतराज अधिकारियों के साथ शाम छह बजे से संवाद करेंगे। 

इसमें बाढ़ की स्थिति, राहत व बचाव कार्यों को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा होगी। शासन से जिलाधिकारियों व मंडलायुक्तों को इस संबंध में दिशानिर्देश भेज दिए गए हैं। जनप्रतिनिधियों को इस संबंध में जिलाधकारी जानकारी देंगे। 

24 अति संवेदनशील जिले 
पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, बाराबंकी, गोंडा, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, संतकबीरनगर, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, सिद्धार्थ नगर, बिजनौर, बदायूं, फर्रुखाबाद, बलरामपुर, श्रावस्ती व महाराजगंज।  

16 संवेदनशील जिले  
उन्नाव, बुलंदशहर, लखनऊ, बरेली, हमीरपुर, सहारनपुर, शामली, अलीगढ़, गौतमबुद्ध नगर, शाहजहांपुर, रामपुर, मुरादाबाद, हरदोई, कासगंज प्रयागराज व वाराणसी।



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