vishal panwar August 16, 2020


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Updated Sun, 16 Aug 2020 11:52 PM IST

यमुनापार क्षेत्र में पहुंचा गंगाजल
– फोटो : अमर उजाला

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आगरा के लिए राहत की खबर है। हरिद्वार और बिजनौर से नहर के जरिए पालड़ा फॉल को गंगाजल की आपूर्ति शुरू कर दिए जाने से शहर में पानी का संकट फिलहाल नहीं रहा है। रविवार को शहर में 351 एमएलडी की मांग जगह 312 एमएलडी पानी की सप्लाई हुई जो केवल 39 एमएलडी कम है। 14 अगस्त को आशंका बन गई थी कि 18 तक गंगाजल नहीं मिलेगा। 

13 और 14 अगस्त को बुलंदशहर के पालड़ा फॉल में पानी की सप्लाई आधी रह गई। 15 से 18 अगस्त तक गंगाजल नहीं मिलने की आशंका थी। इस पर 14 की रात में ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को गंगाजल इकाई महाप्रबंधक और मेयर नवीन जैन ने पानी संकट बढ़ने का हवाला दिया, जिसके बाद बिजनौर और हरिद्वार से गंगाजल की आपूर्ति बढ़ाई गई।   

गंगाजल के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके गुप्ता ने बताया कि पालड़ा फॉल पर पानी ना मिलने से संकट था। बिजनौर और हरिद्वार दोनों ही जगह से पालड़ा में पानी पहुंचना शुरू हो गया है। जो पानी की कमी हुई उसे एमबीबीआर प्लांट चलाकर खत्म कर रहे हैं। 

जलकल विभाग के सचिव अनवर ख्वाजा ने बताया कि सिकंदरा में हमने एमबीबीआर प्लांट पर यमुना जल का शोधन करके कमी पूरी कर ली है। जो गंगाजल मिला उसे हमने पूरा जीवनी मंडी पर इस्तेमाल किया है। पालड़ा पर पानी मिलने के कारण अब संकट नहीं रहेगा।

आगरा के लिए राहत की खबर है। हरिद्वार और बिजनौर से नहर के जरिए पालड़ा फॉल को गंगाजल की आपूर्ति शुरू कर दिए जाने से शहर में पानी का संकट फिलहाल नहीं रहा है। रविवार को शहर में 351 एमएलडी की मांग जगह 312 एमएलडी पानी की सप्लाई हुई जो केवल 39 एमएलडी कम है। 14 अगस्त को आशंका बन गई थी कि 18 तक गंगाजल नहीं मिलेगा। 

13 और 14 अगस्त को बुलंदशहर के पालड़ा फॉल में पानी की सप्लाई आधी रह गई। 15 से 18 अगस्त तक गंगाजल नहीं मिलने की आशंका थी। इस पर 14 की रात में ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को गंगाजल इकाई महाप्रबंधक और मेयर नवीन जैन ने पानी संकट बढ़ने का हवाला दिया, जिसके बाद बिजनौर और हरिद्वार से गंगाजल की आपूर्ति बढ़ाई गई।   

गंगाजल के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके गुप्ता ने बताया कि पालड़ा फॉल पर पानी ना मिलने से संकट था। बिजनौर और हरिद्वार दोनों ही जगह से पालड़ा में पानी पहुंचना शुरू हो गया है। जो पानी की कमी हुई उसे एमबीबीआर प्लांट चलाकर खत्म कर रहे हैं। 

जलकल विभाग के सचिव अनवर ख्वाजा ने बताया कि सिकंदरा में हमने एमबीबीआर प्लांट पर यमुना जल का शोधन करके कमी पूरी कर ली है। जो गंगाजल मिला उसे हमने पूरा जीवनी मंडी पर इस्तेमाल किया है। पालड़ा पर पानी मिलने के कारण अब संकट नहीं रहेगा।



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