vishal panwar August 19, 2020


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 19 Aug 2020 11:58 AM IST

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राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवक्ताओं के खाली पद फिलहाल संविदा के आधार पर भरे जाएंगे। इन पदों पर पॉलीटेक्निक संस्थानों से सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, विभागाध्यक्ष और प्रवक्ताओं की नियुक्ति होगी। मगर, उनकी आयु 70 साल से कम होनी चाहिए। इनकी नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। हालांकि नियुक्ति तब तक के लिए होगी, जब तक इन पदों पर स्थायी प्रवक्ताओं की नियुक्ति नहीं हो जाती है।

दरअसल एआईसीटीई विनियम- 2019 की संस्तुतियों के अनुसार वेतनमान, सेवा शर्तें, अर्हता को नए सिरे से निर्धारित करने के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा राजपत्रित अधिकारी सेवा नियमावली-1990 में संशोधन किया जाना है। इसलिए खाली पदों पर स्थायी भर्ती की प्रक्रिया को रोक दी गई है। नियमावली संशोधन के बाद ही उप्र लोक सेवा आयोग को नए सिरे से अधियाचन भेजा जाएगा।

गौरतलब है कि प्रदेश के अधिकांश राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में शिक्षकों की भारी कमी है। इसलिए खाली पदों पर भर्ती के लिए पिछले साल उप्र लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा गया था। मगर, नियमावली में संशोधन के मद्देनजर भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया गया था।

इसके कारण पॉलीटेक्निक संस्थानों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था। इसके मद्देनजर प्राविधिक शिक्षा विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इन संस्थानों से ही सेवानिवृत्त शिक्षकों को संविदा पर रखने का फैसला किया है। इन शिक्षकों को 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। जल्द ही संविदा पर शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 

राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवक्ताओं के खाली पद फिलहाल संविदा के आधार पर भरे जाएंगे। इन पदों पर पॉलीटेक्निक संस्थानों से सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, विभागाध्यक्ष और प्रवक्ताओं की नियुक्ति होगी। मगर, उनकी आयु 70 साल से कम होनी चाहिए। इनकी नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। हालांकि नियुक्ति तब तक के लिए होगी, जब तक इन पदों पर स्थायी प्रवक्ताओं की नियुक्ति नहीं हो जाती है।

दरअसल एआईसीटीई विनियम- 2019 की संस्तुतियों के अनुसार वेतनमान, सेवा शर्तें, अर्हता को नए सिरे से निर्धारित करने के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा राजपत्रित अधिकारी सेवा नियमावली-1990 में संशोधन किया जाना है। इसलिए खाली पदों पर स्थायी भर्ती की प्रक्रिया को रोक दी गई है। नियमावली संशोधन के बाद ही उप्र लोक सेवा आयोग को नए सिरे से अधियाचन भेजा जाएगा।

गौरतलब है कि प्रदेश के अधिकांश राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में शिक्षकों की भारी कमी है। इसलिए खाली पदों पर भर्ती के लिए पिछले साल उप्र लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा गया था। मगर, नियमावली में संशोधन के मद्देनजर भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया गया था।

इसके कारण पॉलीटेक्निक संस्थानों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था। इसके मद्देनजर प्राविधिक शिक्षा विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इन संस्थानों से ही सेवानिवृत्त शिक्षकों को संविदा पर रखने का फैसला किया है। इन शिक्षकों को 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। जल्द ही संविदा पर शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 



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