vishal panwar August 19, 2020


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 19 Aug 2020 06:20 PM IST

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उत्तर प्रदेश सरकार ने लोक सेवा आयोग व सचिवालय के अपर निजी सचिव पद की शैक्षिक अर्हता में अंतर समाप्त करने का फैसला किया है। अब अपर निजी सचिव के लिए स्नातक योग्यता व डोएक सोसाइटी का सर्टिफिकेट कोर्स इन कंप्यूटिंग (सीसीसी) जरूरी होगा। इसके लिए यूपी लोक सेवा आयोग अधीनस्थ सेवा द्वितीय संशोधन नियमावली-2020 के मसौदे को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है।

वर्तमान में अपर निजी सचिव पद की शैक्षिक अर्हता इंटरमीडिएट व समकक्ष है। अब इसे स्नातक  कर दिया गया है। इसी तरह हिंदी आशुलिपि में न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट व हिंदी टंकण में न्यूनतम 30 शब्द प्रति मिनट की गति का प्रावधान है। अंग्रेजी आशुलिपि व अंग्रेजी टंकण के ज्ञान को वरीयता देने की व्यवस्था है। अब हिंदी आशुलेखन व हिंदी टंकण में क्रमश: न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट व 25 शब्द प्रति मिनट की गति जरूरी होगी। अंग्रेजी आशुलिपि में ज्ञान पर वरीयता की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।

इसी तरह वर्तमान में कंप्यूटर चलाने का सामान्य ज्ञान, एमएस ऑफिस का प्रयोग करते हुए विंडो-98 एनवायरमेंट संचालन, टाइप करने में हिंदी फांट व प्रिंटेड सामग्री निकालने की दक्षता जरूरी थी। अब केवल डोएक सोसाइटी का सीसीसी कोर्स या माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित पाठ्यक्रम या सरकार द्वारा उसके समकक्ष मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम की व्यवस्था कर दी गई है। इन बदलावों से अपर निजी सचिव भर्ती में पारदर्शिता आएगी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने लोक सेवा आयोग व सचिवालय के अपर निजी सचिव पद की शैक्षिक अर्हता में अंतर समाप्त करने का फैसला किया है। अब अपर निजी सचिव के लिए स्नातक योग्यता व डोएक सोसाइटी का सर्टिफिकेट कोर्स इन कंप्यूटिंग (सीसीसी) जरूरी होगा। इसके लिए यूपी लोक सेवा आयोग अधीनस्थ सेवा द्वितीय संशोधन नियमावली-2020 के मसौदे को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी गई है।

वर्तमान में अपर निजी सचिव पद की शैक्षिक अर्हता इंटरमीडिएट व समकक्ष है। अब इसे स्नातक  कर दिया गया है। इसी तरह हिंदी आशुलिपि में न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट व हिंदी टंकण में न्यूनतम 30 शब्द प्रति मिनट की गति का प्रावधान है। अंग्रेजी आशुलिपि व अंग्रेजी टंकण के ज्ञान को वरीयता देने की व्यवस्था है। अब हिंदी आशुलेखन व हिंदी टंकण में क्रमश: न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट व 25 शब्द प्रति मिनट की गति जरूरी होगी। अंग्रेजी आशुलिपि में ज्ञान पर वरीयता की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।

इसी तरह वर्तमान में कंप्यूटर चलाने का सामान्य ज्ञान, एमएस ऑफिस का प्रयोग करते हुए विंडो-98 एनवायरमेंट संचालन, टाइप करने में हिंदी फांट व प्रिंटेड सामग्री निकालने की दक्षता जरूरी थी। अब केवल डोएक सोसाइटी का सीसीसी कोर्स या माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित पाठ्यक्रम या सरकार द्वारा उसके समकक्ष मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम की व्यवस्था कर दी गई है। इन बदलावों से अपर निजी सचिव भर्ती में पारदर्शिता आएगी।



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