vishal panwar August 14, 2020


घटनास्थल पर पुलिस (28 जून की तस्वीर)
– फोटो : अमर उजाला

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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आरके भारती के बाद उनके छोटे भाई हरीशंकर पर हमले की घटना से पुलिस के खुलासे पर सवाल खड़े हो गए हैं। भारती के छोटे भाई हरीबाबू का कहना है कि असली मुल्जिम खुले घूम रहे हैं। पुलिस ने जल्दबाजी में खुलासा कर दिया।

भारती के भाई हरीशंकर भारती पर गुरुवार को हमला हुआ था। वो अस्पताल में भर्ती हैं। उनसे पहले 28 जून को डॉक्टर आरके भारती को तीन गोलियां मारी गई थीं। वो अस्पताल से हाल में ही घर पहुंचे हैं। भारती के सबसे छोटे भाई हरीबाबू जिला सहकारी बैंक में उप महाप्रबंधक हैं। 

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उन्होंने शुक्रवार को मीडिया कमियों से कहा कि खुलासा अगर ठीक होता तो दूसरी बार घटना नहीं होती। पुलिस ने अपना गुडवर्क दिखाने के चक्कर में जल्दबाजी कर दी। हमारी किसी से रंजिश नहीं है। एक बड़ा गैंग परिवार पर हमले कर रहा है। उसकी तह तक पहुंचना जरूरी है, जिससे परिवार पर संकट दूर हो सके।

हरीबाबू ने बताया कि नाऊ की सराय निवासी सुरेश बघेल को पहले से जानते नहीं थे, जबकि टेढ़ी बगिया निवासी मोंटू ने ढाई साल पहले एक लाख रुपये उधार लिए थे। 25 हजार रुपये दे दिए थे। 75 हजार रुपये भी जल्द लौटाने की बात कही थी। इतनी कम रकम के लिए कोई किसी को गोली क्यों मारेगा, जबकि उसे पता था कि पकड़ा जा सकता है। पुलिस ने यही खुलासा किया है कि 75 हजार के लिए उसने हमला किया।

मोंटू ने जेल से किया था फोन

हरीबाबू ने बताया कि आरोपी मोंटू ने जेल से हरीशंकर को फोन कर कहा था कि उसने डॉ. आरके भारती को गोली नहीं मारी है। इस घटना के पीछे कई और लोग हैं। उन्हें वो जानता है। अगर, वो उसके पक्ष में शपथ पत्र दे देंगे तो उनका नाम बता देगा। मगर, पुलिस के खुलासे पर भरोसा होने की वजह से उसकी बात पर विश्वास नहीं किया। घटना में प्रयुक्त बाइक आज तक बरामद नहीं हो सकी।

खतरे में परिवार की जान, मिले पुलिस की सुरक्षा

हरीबाबू का कहना है वो अस्पताल में भर्ती भाई को भी नहीं देखने जा पा रहे हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि उनके घर की रेकी हो रही है। गाड़ियों में लोग घूम रहे हैं। इसके बावजूद सुरक्षा नहीं दी गई। इस वजह से घर में कैद हो गए हैं। गेट में अंदर से ताला लगाकर रखते हैं। अब डीएम और एसएसपी से यही मांग है कि तीनों भाइयों को गनर दिए जाएं। असलाह के लाइसेंस भी विशेष रूप से जारी कर दिए जाएं।

हमलावरों की तलाश में लगी है पुलिस टीम

एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने कहा कि हमलावरों की तलाश में पुलिस टीम लगी है। बॉबी के घर भी दबिश दी गई थी। इस घटना के सभी बिंदुओं पर गहनता से पड़ताल की जा रही है। पूर्व में जेल भेजे गए अपराधियों से इस हमले के लिंक देखे जा रहे हैं। 
 

सार

  • प्रोफेसर डॉ. आरके भारती के बाद गुरुवार को उनके भाई हरीशंकर पर हमला हुआ था। वो अस्पताल में भर्ती हैं। 

विस्तार

आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आरके भारती के बाद उनके छोटे भाई हरीशंकर पर हमले की घटना से पुलिस के खुलासे पर सवाल खड़े हो गए हैं। भारती के छोटे भाई हरीबाबू का कहना है कि असली मुल्जिम खुले घूम रहे हैं। पुलिस ने जल्दबाजी में खुलासा कर दिया।

भारती के भाई हरीशंकर भारती पर गुरुवार को हमला हुआ था। वो अस्पताल में भर्ती हैं। उनसे पहले 28 जून को डॉक्टर आरके भारती को तीन गोलियां मारी गई थीं। वो अस्पताल से हाल में ही घर पहुंचे हैं। भारती के सबसे छोटे भाई हरीबाबू जिला सहकारी बैंक में उप महाप्रबंधक हैं। 

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उन्होंने शुक्रवार को मीडिया कमियों से कहा कि खुलासा अगर ठीक होता तो दूसरी बार घटना नहीं होती। पुलिस ने अपना गुडवर्क दिखाने के चक्कर में जल्दबाजी कर दी। हमारी किसी से रंजिश नहीं है। एक बड़ा गैंग परिवार पर हमले कर रहा है। उसकी तह तक पहुंचना जरूरी है, जिससे परिवार पर संकट दूर हो सके।


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