vishal panwar August 16, 2020


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उ.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा रविवार को आयोजित की गई खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) परीक्षा में सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। एसटीएफ ने रसूलाबाद स्थित केंद्र से मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते सॉल्वर को गिरफ्तार किया, साथ ही उसकी निशानदेही पर बाहर मौजूद अभ्यर्थी को भी धर दबोचा। दोनों से नकदी समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। 

एसटीएफ अफसरों ने बताया कि रसूलाबाद स्थित चिन्मयानंद विद्यालय में मूल अभ्यर्थी की जगह सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाए जाने की सूचना मिली थी। एसटीएफ टीम ने केंद्र पर पहुंचकर जांच पड़ताल की तो यहां सुधीर पटेल पुत्र राममिलन सिंह निवासी टुडियार, श्रीकपूरा मेजा नाम का सॉल्वर मिला। जांच पड़ताल में पता चला कि वह धीरेंद्र कुमार मौर्या पुत्र श्याम जी निवासी मवैया हिंदुवानी थना सरायममरेज की जगह पर परीक्षा दे रहा था, जिस पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसकी निशानदेही पर परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद मूल अभ्यर्थी धीरेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया गया। एसटीएफ के मुताबिक सॉल्वर एक गिरोह से जुड़ा हआ है, जिसका सरगना एक कोचिंग संचालक है। सॉल्वर गिरोह के सरगना की तलाश की जा रही है।

क्या हुआ बरामद
दो फर्जी वोटरआईडी, 13 फोटो (एक मिक्सिंग किया हुआ), ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड , तीन एटीएम कार्ड, दो मोबाइल व 37,710 रुपये नकद। 

मामले में शिवकुटी थाने में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है। दोनों को शिवकुटी पुलिस के हवाले कर दिया गया है। 
नीरज पांडेय, एएसपी एसटीएफ प्रयागराज

जिला न्यायालय में बाबू है एक आरोपी
एसटीएफ अफसरों के मुताबिक, पूछताछ में यह भी सामने आया है कि धांधली में गिरफ्तार मूल अभ्यर्थी धीरेंद्र जिला न्यायालय में बाबू के पद पर तैनात है। परीक्षा में बैठने के लिए सुधीर को 50 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी, जिसमें से तीन हजार रुपये एडवांस दिए गए थे।

उ.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा रविवार को आयोजित की गई खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) परीक्षा में सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। एसटीएफ ने रसूलाबाद स्थित केंद्र से मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते सॉल्वर को गिरफ्तार किया, साथ ही उसकी निशानदेही पर बाहर मौजूद अभ्यर्थी को भी धर दबोचा। दोनों से नकदी समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। 

एसटीएफ अफसरों ने बताया कि रसूलाबाद स्थित चिन्मयानंद विद्यालय में मूल अभ्यर्थी की जगह सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाए जाने की सूचना मिली थी। एसटीएफ टीम ने केंद्र पर पहुंचकर जांच पड़ताल की तो यहां सुधीर पटेल पुत्र राममिलन सिंह निवासी टुडियार, श्रीकपूरा मेजा नाम का सॉल्वर मिला। जांच पड़ताल में पता चला कि वह धीरेंद्र कुमार मौर्या पुत्र श्याम जी निवासी मवैया हिंदुवानी थना सरायममरेज की जगह पर परीक्षा दे रहा था, जिस पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसकी निशानदेही पर परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद मूल अभ्यर्थी धीरेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया गया। एसटीएफ के मुताबिक सॉल्वर एक गिरोह से जुड़ा हआ है, जिसका सरगना एक कोचिंग संचालक है। सॉल्वर गिरोह के सरगना की तलाश की जा रही है।

क्या हुआ बरामद

दो फर्जी वोटरआईडी, 13 फोटो (एक मिक्सिंग किया हुआ), ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड , तीन एटीएम कार्ड, दो मोबाइल व 37,710 रुपये नकद। 

मामले में शिवकुटी थाने में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है। दोनों को शिवकुटी पुलिस के हवाले कर दिया गया है। 
नीरज पांडेय, एएसपी एसटीएफ प्रयागराज

जिला न्यायालय में बाबू है एक आरोपी
एसटीएफ अफसरों के मुताबिक, पूछताछ में यह भी सामने आया है कि धांधली में गिरफ्तार मूल अभ्यर्थी धीरेंद्र जिला न्यायालय में बाबू के पद पर तैनात है। परीक्षा में बैठने के लिए सुधीर को 50 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी, जिसमें से तीन हजार रुपये एडवांस दिए गए थे।



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