vishal panwar August 18, 2020


ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा
– फोटो : pti

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प्रदेश में अब सिर्फ उच्च एवं अत्याधुनिक तकनीक के स्मार्ट मीटर ही लगवाए जाएंगे। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार को पत्र भेजकर स्मार्ट मीटर की खामियां दूर करने के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित कर पुन:समीक्षा करने को कहा है।

साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में स्मार्ट मीटर से किसी तरह की छेड़छाड़ की कोई गुंजाइश न रहे और उपभोक्ताओं की बिजली बंद होने जैसी घटना न हो। गौरतलब है कि 12 अगस्त को जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली बंद हो गई थी।

ऊर्जा मंत्री ने इस मामले में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के प्रत्यावेदन को संलग्न करते हुए पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि  उपभोक्ताओं को विभिन्न समस्याओं से छुटकारा दिलाने और उच्चतम तकनीक का प्रयोग करने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे थे, लेकिन जन्माष्टमी के दिन घटी घटना से उपभोक्ताओं के बीच गलत संदेश गया है।

भविष्य में इसका दोहराव न हो, इसलिए पावर कार्पोरेशन के  अध्यक्ष खुद इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। कुछ स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली 16 अगस्त तक बंद थी और विभाग के संज्ञान में नहीं था। यह कैसी तकनीक है? यह उपभोक्ता हित के मद्देनजर अक्षम्य घटना है।

परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने ऊर्जा मंत्री से मिलकर बिजली गुल होने के मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने ऊर्जा मंत्री को स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट की खामियों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, पुरानी तकनीक के स्मार्ट मीटरों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की।

कहा, इन मीटरों की विश्वसनीयता इसी से समझी जा सकती है कि हजारों स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली 16 अगस्त तक चालू नहीं हो पाई थी। दूसरी तरफ ईईएसएल के निदेशक सभी की बिजली चालू हो जाने का दावा कर रहे थे। 

प्रदेश में अब सिर्फ उच्च एवं अत्याधुनिक तकनीक के स्मार्ट मीटर ही लगवाए जाएंगे। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार को पत्र भेजकर स्मार्ट मीटर की खामियां दूर करने के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित कर पुन:समीक्षा करने को कहा है।

साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में स्मार्ट मीटर से किसी तरह की छेड़छाड़ की कोई गुंजाइश न रहे और उपभोक्ताओं की बिजली बंद होने जैसी घटना न हो। गौरतलब है कि 12 अगस्त को जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली बंद हो गई थी।

ऊर्जा मंत्री ने इस मामले में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के प्रत्यावेदन को संलग्न करते हुए पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि  उपभोक्ताओं को विभिन्न समस्याओं से छुटकारा दिलाने और उच्चतम तकनीक का प्रयोग करने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे थे, लेकिन जन्माष्टमी के दिन घटी घटना से उपभोक्ताओं के बीच गलत संदेश गया है।

भविष्य में इसका दोहराव न हो, इसलिए पावर कार्पोरेशन के  अध्यक्ष खुद इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। कुछ स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली 16 अगस्त तक बंद थी और विभाग के संज्ञान में नहीं था। यह कैसी तकनीक है? यह उपभोक्ता हित के मद्देनजर अक्षम्य घटना है।


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स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट की खामियों की दी जानकारी 



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