vishal panwar August 15, 2020


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इसबार मुहर्रम पर मुस्लिम युवा ढोल, ताशा, ताजिया, जुलूस आदि से दूर रहते हुए जरूरतमंदों की मदद करेंगे। साथ ही रक्तदान व पौधरोपण भी करेंगे। वे सोशल मीडिया के जरिए औरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। मुहर्रम पैगंबर-ए-आजम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के प्यारे नवासे हजरत सैयदना इमाम हुसैन रजियल्लाहु अन्हु व उनके 72 साथियों की अजीम कुर्बानी की याद में मनाया जाता है।

चांद नजर आने के साथ माह-ए-मुहर्रम 21 या 22 अगस्त से शुरू होगा। नए इस्लामी साल का आगाज भी इसी के साथ होगा और 1442 हिजरी लग जाएगी। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप की वजह से इस बार शाही, रवायती व ताजिया जुलूस की अनुमति शासन की तरफ से नहीं है। मियां बाजार स्थित इमामबाड़े में मेला भी नहीं लगेगा। न कहीं भीड़भाड़ होगी न ही ढोल-ताशा बजेगा। उलेमा व प्रशासन की गाइडलाइन के मुताबिक ही मुहर्रम में अमल किया जाएगा।

हमदर्द सोसाइटी के नेहाल अहमद, मो. जमीर, अतहर खान, कमरुल हसन, सैयद आसिम हुसैन, शहजाद अहमद, मोहम्मद अहसन, शम्स अनवर, अजीम आफाक, राहुल वर्मा आदि ने बताया कि  उनकी सोसाइटी मुहर्रम में रक्तदान कैंप व पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन करेगी। जरूरतमंदों में मास्क व सैनिटाइजर बांटा जाएगा।

द हेल्पिंग हैंड ग्रुप के आसिफ महमूद, नूर मोहम्मद, इरशाद अहमद, मो. शाहिद, मुनाजिर आदि ने बताया कि रक्तदान महादान है। इस बार मुस्लिम युवा हजरत सैयदना इमाम हुसैन व उनके साथियों की याद में रक्तदान करेंगे। साथ ही शहर में कई जगह पौधरोपण करेंगे। मास्क व सैनिटाइजर बांटा जाएगा। मुहर्रम में ज्यादा से ज्यादा नेक काम कर शहीदे कर्बला को इसाले सवाब किया जाएगा। ढोल, ताशा, मेला, तमाशा आदि की तो वैसे ही दीन-ए-इस्लाम में मनाही है।

अली बहादुर शाह वेलफेयर सोसाइटी के अली गजनफर शाह, मो. आसिफ, मो. अनस, मो.आरिफ, मो. तौसिफ, मो. इमरान, मो. कासिम आदि ने बताया कि हजरत सैयदना इमाम हुसैन व उनके साथियों की याद में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जरूरतमंदों को खाना खिलाया जाए। जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान भी किया जाएगा। पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया जाएगा। वह काम किया जाए जिससे अल्लाह व रसूल खुश हों।

बेदारी-ए-उम्मत फाउंडेशन के तौहीद अहमद, मनोव्वर अहमद, रमजान अली, मो. कलीम अशरफ खान, फैज अहमद, नवेद आलम, मोहम्मद आजम, अजीम अहमद, शादाब अहमद रजवी आदि ने बताया कि इस बार कोरोना महामारी का प्रकोप है। लिहाजा उलेमा व शासन की गाइडलाइन पर अमल किया जाएगा। हमारा संगठन हजरत सैयदना इमामे हुसैन व उनके जांनिसारों की याद में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पौधरोपण करेगा। जरूरतमंदों के लिए रक्तदान करेंगे। गरीब बच्चों में कॉपी-किताब व स्टेशनरी का सामान बांटा जाएगा।

इसबार मुहर्रम पर मुस्लिम युवा ढोल, ताशा, ताजिया, जुलूस आदि से दूर रहते हुए जरूरतमंदों की मदद करेंगे। साथ ही रक्तदान व पौधरोपण भी करेंगे। वे सोशल मीडिया के जरिए औरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। मुहर्रम पैगंबर-ए-आजम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के प्यारे नवासे हजरत सैयदना इमाम हुसैन रजियल्लाहु अन्हु व उनके 72 साथियों की अजीम कुर्बानी की याद में मनाया जाता है।

चांद नजर आने के साथ माह-ए-मुहर्रम 21 या 22 अगस्त से शुरू होगा। नए इस्लामी साल का आगाज भी इसी के साथ होगा और 1442 हिजरी लग जाएगी। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप की वजह से इस बार शाही, रवायती व ताजिया जुलूस की अनुमति शासन की तरफ से नहीं है। मियां बाजार स्थित इमामबाड़े में मेला भी नहीं लगेगा। न कहीं भीड़भाड़ होगी न ही ढोल-ताशा बजेगा। उलेमा व प्रशासन की गाइडलाइन के मुताबिक ही मुहर्रम में अमल किया जाएगा।

हमदर्द सोसाइटी के नेहाल अहमद, मो. जमीर, अतहर खान, कमरुल हसन, सैयद आसिम हुसैन, शहजाद अहमद, मोहम्मद अहसन, शम्स अनवर, अजीम आफाक, राहुल वर्मा आदि ने बताया कि  उनकी सोसाइटी मुहर्रम में रक्तदान कैंप व पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन करेगी। जरूरतमंदों में मास्क व सैनिटाइजर बांटा जाएगा।



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