vishal panwar August 15, 2020


कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : PTI

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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना ने अब भयावह रूप ले लिया है। शुक्रवार को गुरु श्रीगोरक्षनाथ चिकित्सालय के उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मधुसूदन सिंह एवं माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के प्रदेश मंत्री यशवंत सिंह समेत सात लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से होने की पुष्टि हुई। इनमें चार लोगों की मौत बुधवार व तीन की बृहस्पतिवार को हुई जिसे शुक्रवार को पोर्टल पर अपलोड किया गया।

वहीं जिले में कोरोना के 275 नए मरीज मिले हैं। इसमें शहर क्षेत्र के 161 मरीज शामिल हैं। अब गोरखपुर में मृतकों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है। कुल संक्रमित मरीज 4947, इनमें 1056 मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि 1456 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। वहीं 2354 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

गुरु श्रीगोरक्षनाथ चिकित्सालय के उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व हरपुर बुदहट निवासी 55 वर्षीय डॉ. मधुसूदन सिंह दिल्ली में भर्ती थे। 26 जुलाई को रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया  गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर एक सप्ताह पहले दिल्ली रेफर किया गया था। वहां उनकी प्लाज्मा थेरेपी भी की गई। तबीयत में सुधार हो रहा था। लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और निधन हो गया।

वहीं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री व बासगांव निवासी 68 वर्षीय यशवंत सिंह की तबीयत तीन दिन पहले खराब हुई। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, इसी बीच उनके कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट आ गई। जिसके बाद उन्हें पैनेशिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे उनका निधन हो गया। पिपराइच के मुड़ेरी गढ़वा निवासी 54 वर्षीय पुजारी बीआरडी में भर्ती थे। उनकी भी मौत शुक्रवार को हो गई।

पैनेशिया में ही भर्ती शाहपुर निवासी 77 वर्षीय वृद्ध की बुधवार को मौत हो गई थी। दिलेजाकपुर निवासी 60 वर्षीय वृद्धा, हुमायूंपुर उत्तरी निवासी 51 वर्षीय महिला व पादरी बाजार निवासी 60 वर्षीय वृद्ध बीआरडी में भर्ती थे, इनकी बृहस्पतिवार को मौत हो गई थी। स्वास्थ्य केंद्र झरना टोला में 57 की सैंपलिंग की गई, जिसमें से 23 पॉजिटिव आए।

शहरी इलाके में सदर क्षेत्र में जो 161 मरीज पाए गए हैं, उनमें शाहपुर क्षेत्र में 39, गोरखनाथ क्षेत्र में 30, राजघाट क्षेत्र में 21, तिवारीपुर में 86, कैंट में 31, कोतवाली व रामगढ़ताल क्षेत्र में 11-11, चिलुआताल में 83 तथा गुलरिहा क्षेत्र में 9 मरीज शामिल पाए गए हैं।

अस्पतालों में बेड फुल, मरीज परेशान
गोरखपुर। जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के चलते अस्पतालों में बेड फुल हो गए हैं। संक्रमित मरीजों को इलाज के लिए बेड नहीं मिल रहे हैं। हरपुर-बुदहट के रहने वाले एक युवक ने पांच अगस्त को संतकबीरनगर के जिला अस्पताल में जांच कराई। जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई।

इसके बाद वह होम आइसोलेशन में था। बृहस्पतिवार को उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर सबसे पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां बेड न होने का हवाला देकर डॉक्टरों ने लौटा दिया। इसके बाद परिजन उसे लेकर पादरी बाजार, गोलघर, छात्रसंघ चौराहा और दाउदपुर स्थित निजी अस्पतालों में गए। हर जगह बेड फुल होने की बात संचालकों ने कही। देर रात जिला अस्पताल में काफी सिफारिश के बाद डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना ने अब भयावह रूप ले लिया है। शुक्रवार को गुरु श्रीगोरक्षनाथ चिकित्सालय के उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मधुसूदन सिंह एवं माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के प्रदेश मंत्री यशवंत सिंह समेत सात लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से होने की पुष्टि हुई। इनमें चार लोगों की मौत बुधवार व तीन की बृहस्पतिवार को हुई जिसे शुक्रवार को पोर्टल पर अपलोड किया गया।

वहीं जिले में कोरोना के 275 नए मरीज मिले हैं। इसमें शहर क्षेत्र के 161 मरीज शामिल हैं। अब गोरखपुर में मृतकों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है। कुल संक्रमित मरीज 4947, इनमें 1056 मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि 1456 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। वहीं 2354 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

गुरु श्रीगोरक्षनाथ चिकित्सालय के उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व हरपुर बुदहट निवासी 55 वर्षीय डॉ. मधुसूदन सिंह दिल्ली में भर्ती थे। 26 जुलाई को रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया  गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर एक सप्ताह पहले दिल्ली रेफर किया गया था। वहां उनकी प्लाज्मा थेरेपी भी की गई। तबीयत में सुधार हो रहा था। लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और निधन हो गया।

वहीं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री व बासगांव निवासी 68 वर्षीय यशवंत सिंह की तबीयत तीन दिन पहले खराब हुई। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, इसी बीच उनके कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट आ गई। जिसके बाद उन्हें पैनेशिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे उनका निधन हो गया। पिपराइच के मुड़ेरी गढ़वा निवासी 54 वर्षीय पुजारी बीआरडी में भर्ती थे। उनकी भी मौत शुक्रवार को हो गई।


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