vishal panwar August 15, 2020


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Updated Sat, 15 Aug 2020 12:08 AM IST

महंत नृत्यगोपाल दास
– फोटो : amar ujala

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद मथुरा से अयोध्या तक खलबली मची हुई है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि मथुरा आने से पहले ही नृत्यगोपाल दास कोरोना संक्रमित थे। जो लक्षण उनमें पाए गए, वो कई दिन पुराने हैं। इसीलिए बुधवार शाम से ही उनकी तबियत खराब होने लगी थी और रात में ही उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। गुरुवार को उनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई।  

मथुरा के कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. देवेंद्र अग्रवाल ने बताया कि नृत्य गोपालदास के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद अयोध्या पत्र भेजकर उनके संपर्क में आए लोगों की जांच कराने के लिए आग्रह किया है। वो मथुरा आने से कई दिन पहले ही कोरोना संक्रमित हो गए थे। यहां आकर उनकी तबियत बिगड़ने के बाद जांच कराई गई, जिसमें वो पॉजिटिव पाए गए।

20 लोगों को ही चिह्नित कर पाया विभाग
मथुरा में स्वास्थ्य विभाग उनके संपर्क में आए लोगों की सूची तैयार कर रहा है। अभी तक 20 लोगों को ही चिह्नित किया जा सका है। हालांकि महंत के संपर्क में आने वाले लोग 200 से अधिक बताए जा रहे हैं। इनमें उनके शिष्य, श्रद्धालु, श्रीकृष्ण जन्मभूमि सेवा संस्थान के पदाधिकारी, पुजारी, पुलिसकर्मी, मीडियाकर्मी आदि शामिल हैं। 

इन लोगों को चिह्नित करने में स्वास्थ्य विभाग के पसीने छूट रहे हैं। हालांकि कुछ लोग स्वयं सामने आए हैं, लेकिन कुछ लोग महंत नृत्यगोपाल से हुई मुलाकात की बात को छिपा रहे हैं। सीएमओ कार्यालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हिंमाशू मिश्र को इन लोगों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लचर रवैये से कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बना हुआ है। महंत नृत्यगोपाल दास की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के दो दिन बाद भी प्रशासन ने न तो श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर स्थित भागवत भवन को सील किया है और न उसे सैनिटाइज कराया है। 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भागवत भवन में महंत नृत्य गोपालदास महाराज के साथ सैकड़ों लोग शामिल हुए थे। इनमें मथुरा के अलावा कई अन्य शहरों के लोग थी थे। इधर, श्रीकृष्ण जन्मस्थान की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी और भजन गायक के साथ आए कलाकार और मीडिया कर्मी भी शामिल हैं। 

दो दिन से खुले श्रीकृष्ण जन्मस्थान में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा हुआ है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा है। स्वास्थ्य विभाग दो दिन में यहां कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों की पहचान भी नहीं कर पाया है। प्रशासन ने अभी तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि को सैनिटाइज भी नहीं कराया है। 

वीआईपी लोगों के कैसे लिए जाएं सैंपल 
श्रीकृष्ण जन्मस्थान में जन्माष्टमी मनाने के लिए कई वीआईपी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। इन सभी के सैंपल लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पसीने छूट रहे हैं। बताया जाता कि स्वास्थ्य विभाग पर सैंपल न लेने का भी दबाव है। 

सार

  • नृत्यगोपाल दास के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अयोध्या भेजा पत्र, संपर्क में आए लोगों की जांच कराने का आग्रह 
  • श्रीकृष्ण जन्मस्थान में श्रद्धालुओं का आवागमन जारी, स्वास्थ्य विभाग के लचर रवैये से संक्रमण फैलने का खतरा 

विस्तार

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद मथुरा से अयोध्या तक खलबली मची हुई है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि मथुरा आने से पहले ही नृत्यगोपाल दास कोरोना संक्रमित थे। जो लक्षण उनमें पाए गए, वो कई दिन पुराने हैं। इसीलिए बुधवार शाम से ही उनकी तबियत खराब होने लगी थी और रात में ही उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। गुरुवार को उनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई।  

मथुरा के कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. देवेंद्र अग्रवाल ने बताया कि नृत्य गोपालदास के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद अयोध्या पत्र भेजकर उनके संपर्क में आए लोगों की जांच कराने के लिए आग्रह किया है। वो मथुरा आने से कई दिन पहले ही कोरोना संक्रमित हो गए थे। यहां आकर उनकी तबियत बिगड़ने के बाद जांच कराई गई, जिसमें वो पॉजिटिव पाए गए।

20 लोगों को ही चिह्नित कर पाया विभाग

मथुरा में स्वास्थ्य विभाग उनके संपर्क में आए लोगों की सूची तैयार कर रहा है। अभी तक 20 लोगों को ही चिह्नित किया जा सका है। हालांकि महंत के संपर्क में आने वाले लोग 200 से अधिक बताए जा रहे हैं। इनमें उनके शिष्य, श्रद्धालु, श्रीकृष्ण जन्मभूमि सेवा संस्थान के पदाधिकारी, पुजारी, पुलिसकर्मी, मीडियाकर्मी आदि शामिल हैं। 

इन लोगों को चिह्नित करने में स्वास्थ्य विभाग के पसीने छूट रहे हैं। हालांकि कुछ लोग स्वयं सामने आए हैं, लेकिन कुछ लोग महंत नृत्यगोपाल से हुई मुलाकात की बात को छिपा रहे हैं। सीएमओ कार्यालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हिंमाशू मिश्र को इन लोगों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 


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न भागवत भवन सील किया और न लोगों की हुई पहचान



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