vishal panwar August 14, 2020


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Updated Sat, 15 Aug 2020 04:21 PM IST

पशुपालन विभाग की टीम
– फोटो : अमर उजाला

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आगरा के खंदौली क्षेत्र के गांव सोरई में तीन घोड़ों में जानलेवा संक्रामक रोग ग्लैंडर्स पाए जाने के बाद शुक्रवार को पशुपालन विभाग की टीम ने उन्हें दर्दरहित मौत (यूथेनेशिया) दे दी। एक साथ तीन घोड़ों में यह घातक बीमारी पाए जाने से विभाग में हड़कंप मच गया है। इस इलाके के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में अभियान चलाकर पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया गया है।

पशु पालन विभाग हर माह घोड़ों के खून के 30 सैंपल लेकर राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार भेजता है। सात अगस्त को आई नमूनों की रिपोर्ट में खंदौली के सोरई गांव के पशुपालक के तीन घोड़ों में ग्लैंडर्स की पुष्टि हुई। इसके बाद पशुपालन विभाग ने जिलाधिकारी की अनुमति लेकर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन कुमार, डॉ. अमित कुमार व डॉ. विकास चंद्र की टीम बनाई। 

टीम ने शुक्रवार को यूथेनेशिया (इंजेक्शन) दे दिया। इस दौरान पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग की गई। इसके बाद घोड़ों को दफना दिया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीएस तोमर ने बताया कि पशु पालक को शासन की ओर से एक पशु पर 25 हजार रुपये मुआवजा भी दिया जाएगा। उधर, खंदौली के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में सभी घोड़ों के सैंपल लिए जाएंगे और पशुओं का टीकाकरण कराया जाएगा।

इसलिए मारना पड़ता है इस बीमारी से पीड़ित घोड़ों को

मुख्य पशु चिकत्साधिकारी डॉ. वीएस तोमर ने बताया कि ग्लैंडर्स घोड़ों में पाई जाने वाली घातक जेनेटिक बीमारी है। अब तक इसका कोई इलाज नहीं है। इसका संक्रमण अन्य पशुओं के साथ-साथ इंसानों में भी फैलने का खतरा रहता है, इसलिए इस बीमारी के होने पर घोड़े को पहले गोली मारी जाती थी, लेकिन अब इंजेक्शन देकर दर्द रहित मौत दी जाती है। पशुपालक के परिवार को भी आइसोलेट किया जाता है। 

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आगरा के खंदौली क्षेत्र के गांव सोरई में तीन घोड़ों में जानलेवा संक्रामक रोग ग्लैंडर्स पाए जाने के बाद शुक्रवार को पशुपालन विभाग की टीम ने उन्हें दर्दरहित मौत (यूथेनेशिया) दे दी। एक साथ तीन घोड़ों में यह घातक बीमारी पाए जाने से विभाग में हड़कंप मच गया है। इस इलाके के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में अभियान चलाकर पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया गया है।

पशु पालन विभाग हर माह घोड़ों के खून के 30 सैंपल लेकर राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार भेजता है। सात अगस्त को आई नमूनों की रिपोर्ट में खंदौली के सोरई गांव के पशुपालक के तीन घोड़ों में ग्लैंडर्स की पुष्टि हुई। इसके बाद पशुपालन विभाग ने जिलाधिकारी की अनुमति लेकर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन कुमार, डॉ. अमित कुमार व डॉ. विकास चंद्र की टीम बनाई। 

टीम ने शुक्रवार को यूथेनेशिया (इंजेक्शन) दे दिया। इस दौरान पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग की गई। इसके बाद घोड़ों को दफना दिया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीएस तोमर ने बताया कि पशु पालक को शासन की ओर से एक पशु पर 25 हजार रुपये मुआवजा भी दिया जाएगा। उधर, खंदौली के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में सभी घोड़ों के सैंपल लिए जाएंगे और पशुओं का टीकाकरण कराया जाएगा।



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