vishal panwar August 18, 2020


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 19 Aug 2020 03:58 PM IST

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भारतीय पैरा बैडमिंटन को फर्श से अर्श तक पहुंचाने वाले चीफ कोच लखनवी गौरव खन्ना को देश के प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। भारत सरकार के खेल पुरस्कार वितरण समारोह में राष्ट्रपति उन्हें सम्मानित करेंगे। अभी तक यह समारोह खेल दिवस पर 29 अगस्त को होता रहा है, लेकिन कोरोना के चलते अभी इसे लेकर कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। 

गौरव के निर्देशन में वर्ष 2015 से भारतीय शटलर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 300 से ज्यादा पदक जीत चुके हैं, जो एक रिकॉर्ड है। बैडमिंटन के अंतरराष्ट्रीय रेफरी रहे गौरव के कॅरिअर की शुरुआत वर्ष 1998 में रेलवे में उपनिरीक्षक पद से की थी। इस दौरान वर्ष 2000 में हुई मार्ग दुर्घटना में वे आंशिक रूप से दिव्यांग हो गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और स्पेशल खिलाड़ियों को बैडमिंटन ट्रेनिंग देने का फैसला किया।

शुरुआत में उन्होंने बधिर खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया। बाद में 2014 में भारतीय पैरालंपिक कमेटी ने गौरव को भारतीय पैरा बैडमिंटन टीम का चीफ कोच नियुक्त कर दिया। इसके बाद से भारतीय पैरा शटलरों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकदार प्रदर्शन जारी है। गौरव बताते हैं कि भारतीय खेल प्राधिकरण से द्रोणाचार्य अवॉर्ड दिए जाने की सूचना दे दी है। गर्व महसूस कर रहा हूं। यह अवॉर्ड आगे और बेहतर करने को प्रोत्साहित करेगा।

भारतीय पैरा बैडमिंटन को फर्श से अर्श तक पहुंचाने वाले चीफ कोच लखनवी गौरव खन्ना को देश के प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। भारत सरकार के खेल पुरस्कार वितरण समारोह में राष्ट्रपति उन्हें सम्मानित करेंगे। अभी तक यह समारोह खेल दिवस पर 29 अगस्त को होता रहा है, लेकिन कोरोना के चलते अभी इसे लेकर कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। 

गौरव के निर्देशन में वर्ष 2015 से भारतीय शटलर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 300 से ज्यादा पदक जीत चुके हैं, जो एक रिकॉर्ड है। बैडमिंटन के अंतरराष्ट्रीय रेफरी रहे गौरव के कॅरिअर की शुरुआत वर्ष 1998 में रेलवे में उपनिरीक्षक पद से की थी। इस दौरान वर्ष 2000 में हुई मार्ग दुर्घटना में वे आंशिक रूप से दिव्यांग हो गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और स्पेशल खिलाड़ियों को बैडमिंटन ट्रेनिंग देने का फैसला किया।

शुरुआत में उन्होंने बधिर खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया। बाद में 2014 में भारतीय पैरालंपिक कमेटी ने गौरव को भारतीय पैरा बैडमिंटन टीम का चीफ कोच नियुक्त कर दिया। इसके बाद से भारतीय पैरा शटलरों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकदार प्रदर्शन जारी है। गौरव बताते हैं कि भारतीय खेल प्राधिकरण से द्रोणाचार्य अवॉर्ड दिए जाने की सूचना दे दी है। गर्व महसूस कर रहा हूं। यह अवॉर्ड आगे और बेहतर करने को प्रोत्साहित करेगा।



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