vishal panwar August 17, 2020


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इटावा जिले में ब्लॉक कैस्त के देवीपुरा गांव निवासी किसान बंटी (28) पुत्र रामदास जाटव ने आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या कर ली। सोमवार को घर में उसका शव फंदे पर लटका देख कोहराम मच गया। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

देवीपुरा गांव निवासी बंटी जाटव दिल्ली में नौकरी करता था। लॉकडाउन में काम बंद हुआ तो परिवार के साथ गांव लौट आया था। तब से पिता के साथ किसानी कर रहा था। इधर फसल की बुआई का समय आया तो इसके लिए रुपयों की जरूरत पड़ी।

बंटी ने रुपयों का इंतजाम करने के लिए काम की तलाश की, लेकिन कोरोना की वजह से कहीं काम नहीं मिला। घर की तंगहाली देख वह पत्नी को ससुराल छोड़ आया था। सोमवार को परिवार के बाकी सदस्यों के बाहर जाने के बाद वह घर में अकेला था।

दोपहर में उसके घर के बाहर खेल रहे बच्चों ने दरवाजा काफी देर तक खटखटाया लेकिन कोई आवाज नहीं आई। बच्चों ने इसकी जानकारी बाकी गांववालों की दी। जानकारी पाकर बंटी के परिजन भी घर पहुंचे। किसी तरह दरवाजा खोला गया तो वह साड़ी के फंदे से लटका हुआ था।

परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतार पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि बंटी आर्थिक तंगी से परेशान था। उसने कई लोगों से कर्ज मांगे लेकिन कहीं मदद नहीं मिली। निराश होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

इटावा जिले में ब्लॉक कैस्त के देवीपुरा गांव निवासी किसान बंटी (28) पुत्र रामदास जाटव ने आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या कर ली। सोमवार को घर में उसका शव फंदे पर लटका देख कोहराम मच गया। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

देवीपुरा गांव निवासी बंटी जाटव दिल्ली में नौकरी करता था। लॉकडाउन में काम बंद हुआ तो परिवार के साथ गांव लौट आया था। तब से पिता के साथ किसानी कर रहा था। इधर फसल की बुआई का समय आया तो इसके लिए रुपयों की जरूरत पड़ी।

बंटी ने रुपयों का इंतजाम करने के लिए काम की तलाश की, लेकिन कोरोना की वजह से कहीं काम नहीं मिला। घर की तंगहाली देख वह पत्नी को ससुराल छोड़ आया था। सोमवार को परिवार के बाकी सदस्यों के बाहर जाने के बाद वह घर में अकेला था।

दोपहर में उसके घर के बाहर खेल रहे बच्चों ने दरवाजा काफी देर तक खटखटाया लेकिन कोई आवाज नहीं आई। बच्चों ने इसकी जानकारी बाकी गांववालों की दी। जानकारी पाकर बंटी के परिजन भी घर पहुंचे। किसी तरह दरवाजा खोला गया तो वह साड़ी के फंदे से लटका हुआ था।

परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतार पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि बंटी आर्थिक तंगी से परेशान था। उसने कई लोगों से कर्ज मांगे लेकिन कहीं मदद नहीं मिली। निराश होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।



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