vishal panwar August 19, 2020


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ, Updated Wed, 19 Aug 2020 06:01 AM IST

इसमें कोई दो राय नहीं कि कोरोना काल और लॉकडाउन ने लोगों को पहले से कहीं ज्यादा रचनात्मक बनाया है। इस दौरान मिले वक्त में लोगों ने अपने शौक को बहुत वक्त दिया है। फोटोग्राफी जहां शौक है, वहीं एक कला भी है, एक जुनून भी है। लॉकडाउन में उन्होंने अपने इस शौक को किस तरह से धार दी, उनके कैमरे ने महामारी के इस कठिन वक्त को किस तरह से देखा, यह जानने और सबको बताने की कोशिश की अमर उजाला ने। विश्व फोटोग्राफी दिवस 19 अगस्त को मनाया जाता है। अपने पाठकों से इस मौके पर अमर उजाला ने प्रविष्टियां आमंत्रित की थीं, जिनमें से शीर्ष 10 फोटोग्राफ को अमर उजाला में प्रकाशित किया गया (19 अगस्त का अखबार देखें): ।

इनका चयन करने वाले निर्णायक मंडल में शामिल हैं जाने-माने छायाकार डॉ. अनिल रिसाल सिंह, डॉ. भूपेश सी लिटिल, डॉ. तूलिका साहू। निर्णायक मंडल द्वारा सराही गई कुछ और तस्वीरों को अमर उजाला डॉटकॉम पर देखा जा सकता है। डॉ. अनिल रिसाल सिंह संस्कृति मंत्रालय के अधीन नेशनल रिर्सच लेबोरेटरी फार कंजरवेशन ऑफ कल्चरल प्रॉपर्टी के फोटो डिवीजन के पूर्व प्रमुख के अलावा कई अहम पदों पर रह चुके हैं। वहीं, वर्तमान में जामिया मिलिया इस्लामिया विवि में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. लिटिल फिजी नेशनल यूनिवर्सिटी में क्रिएटिव आर्ट्स विभाग और लखनऊ विश्वविद्यालय में एप्लाइड आर्ट एंड फोटोग्राफी में पूर्व प्रमुख रह चुके हैं। डॉ. तूलिका साहू फोटोग्राफी में पीएचडी करने वाली देश की पहली महिला हैं।

 (सराही गई तस्वीर, रिदिम, पलियां कलां।)



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