vishal panwar August 20, 2020


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Thu, 20 Aug 2020 09:10 PM IST

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

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फर्रुखाबाद जिले में मऊदरवाजा थाने के एक दरोगा और दो सिपाहियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में परिवाद दर्ज किया गया हैं। इसमें कांशीराम कालोनी का आवास खाली कराने को धमकाने पर अधेड़ की हृदय गति रुकने से मौत होने और पोस्टमार्टम कराए बगैर जबरन अंतिम संस्कार कराने का आरोप लगाया है।

कांशीराम कालोनी हैवतपुर गढ़िया निवासी रामनरेश बाथम ने मऊदरवाजा थाने के दरोगा सद्दाम खान, सिपाही गोविंद व राजवीर सिंह के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर की थी। इसमें कहा कि भाई सुशील कुमार उर्फ पप्पू कांशीराम कालोनी में भतीजे रतन उर्फ कल्लू के साथ रहते थे।

दरोगा व सिपाही कालोनी में आकर भाई और भतीजे पर आवास खाली का दबाव बनाने लगे। 7 जून 2020 को 11 बजे कालोनी आकर भाई सुशील उर्फ पप्पू को बुरी तरह गाली देकर धमकाया। इससे भयभीत होने से भाई की हृदयगति रुकने से उसी दिन एक बजे दोपहर में मौत हो गई।

शव का पोस्टमार्टम कराने को पुलिस को जानकारी दी। दरोगा ने पोस्टमार्टम कराए बगैर जबरन भाई के शव का अंतिम संस्कार करा दिया। पीड़ित के अधिवक्ता विजय कुमार शर्मा ने सुनवाई के दौरान दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर सीजेएम ने दरोगा व सिपाही के खिलाफ परिवाद दर्ज किया है।

फर्रुखाबाद जिले में मऊदरवाजा थाने के एक दरोगा और दो सिपाहियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में परिवाद दर्ज किया गया हैं। इसमें कांशीराम कालोनी का आवास खाली कराने को धमकाने पर अधेड़ की हृदय गति रुकने से मौत होने और पोस्टमार्टम कराए बगैर जबरन अंतिम संस्कार कराने का आरोप लगाया है।

कांशीराम कालोनी हैवतपुर गढ़िया निवासी रामनरेश बाथम ने मऊदरवाजा थाने के दरोगा सद्दाम खान, सिपाही गोविंद व राजवीर सिंह के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर की थी। इसमें कहा कि भाई सुशील कुमार उर्फ पप्पू कांशीराम कालोनी में भतीजे रतन उर्फ कल्लू के साथ रहते थे।

दरोगा व सिपाही कालोनी में आकर भाई और भतीजे पर आवास खाली का दबाव बनाने लगे। 7 जून 2020 को 11 बजे कालोनी आकर भाई सुशील उर्फ पप्पू को बुरी तरह गाली देकर धमकाया। इससे भयभीत होने से भाई की हृदयगति रुकने से उसी दिन एक बजे दोपहर में मौत हो गई।

शव का पोस्टमार्टम कराने को पुलिस को जानकारी दी। दरोगा ने पोस्टमार्टम कराए बगैर जबरन भाई के शव का अंतिम संस्कार करा दिया। पीड़ित के अधिवक्ता विजय कुमार शर्मा ने सुनवाई के दौरान दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर सीजेएम ने दरोगा व सिपाही के खिलाफ परिवाद दर्ज किया है।



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