vishal panwar August 14, 2020


अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Updated Sat, 15 Aug 2020 03:17 AM IST

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कैंट थाने में राजकीय निर्माण निगम के रिटायर लेखा प्रभारी भगवंत प्रसाद राठौर पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद विजिलेंस अफसरों की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई। आरोप है कि उन्होंने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की और जांच में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कैंट पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।

रिपोर्ट विजिलेंस के डिप्टी एसपी रामकुमार श्रीवास्तव की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर लिखी गई है। जिसमें उन्होंने बताया कि राजकीय निर्माण निगम, लखनऊ के रिटायर्ड लेखा प्रभारी भगवंत प्रसाद के खिलाफ जुलाई 2019 में आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच के आदेश दिए गए।

फरवरी 2020 में जांच पूरी करके विजिलेंस विभाग ने रिपोर्ट शासन को भेज दी। आरोप है कि जांच में पाया गया कि निर्धारित अवधि में विभिन्न स्रोतों से आरोपी की कुल आय 80 लाख रुपये के करीब थी। जबकि इस दौरान उसने लगभग 91 लाख रुपये खर्च किए जो आय से करीब 11 लाख रुपये अधिक थे।

आरोपी की ओर से इस संबंध में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। कैंट के म्योराबाद निवासी आरोपी का यह कृत्य भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध है। कैंट इंस्पेक्टर नीरज वालिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

कैंट थाने में राजकीय निर्माण निगम के रिटायर लेखा प्रभारी भगवंत प्रसाद राठौर पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद विजिलेंस अफसरों की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई। आरोप है कि उन्होंने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की और जांच में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कैंट पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।

रिपोर्ट विजिलेंस के डिप्टी एसपी रामकुमार श्रीवास्तव की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर लिखी गई है। जिसमें उन्होंने बताया कि राजकीय निर्माण निगम, लखनऊ के रिटायर्ड लेखा प्रभारी भगवंत प्रसाद के खिलाफ जुलाई 2019 में आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच के आदेश दिए गए।

फरवरी 2020 में जांच पूरी करके विजिलेंस विभाग ने रिपोर्ट शासन को भेज दी। आरोप है कि जांच में पाया गया कि निर्धारित अवधि में विभिन्न स्रोतों से आरोपी की कुल आय 80 लाख रुपये के करीब थी। जबकि इस दौरान उसने लगभग 91 लाख रुपये खर्च किए जो आय से करीब 11 लाख रुपये अधिक थे।

आरोपी की ओर से इस संबंध में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। कैंट के म्योराबाद निवासी आरोपी का यह कृत्य भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध है। कैंट इंस्पेक्टर नीरज वालिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।



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