vishal panwar August 17, 2020


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अपने मोबाइल में मैसेज नोटिफिकेशन को हमेशा हाइड रखें अन्यथा आपके बैंक खाते में सेंध लग सकती है। यह सलाह साइबर सेल ने दी है। दरअसल, आगरा में परीक्षा केंद्रों के बाहर पार्किंग में खड़े एक्टिवा की डिकी तोड़कर मोबाइल और पर्स चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्य पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। 

गिरोह का सरगना एमसीए पास है। वो पर्स में मिलने वाले एटीएम कार्ड से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने के बाद खाते से रकम निकाल लेता था। मोबाइल में मैसेज नोटिफिकेशन हाइड नहीं होने की वजह से ओटीपी देख लेते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेजा है।

सदर क्षेत्र के उखर्रा निवासी तेजवीर सिंह की आठ जनवरी को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की परीक्षा एमडी जैन इंटर कॉलेज में थी। उन्होंने परीक्षा में जाने से पहले अपना एक्टिवा कॉलेज के बाहर पार्किंग में खड़ा किया था। परीक्षा में मोबाइल और पर्स नहीं ले जा सकते थे, इसलिए तेजवीर ने अपना मोबाइल और पर्स एक्टिवा की डिकी में रख दिया। 

परीक्षा देकर आए तो एक्टिवा की डिकी खुली हुई थी। उसमें रखा मोबाइल और अन्य सामान चोरी हो गया था। पर्स में तीन एटीएम कार्ड, दो हजार रुपये, आधार कार्ड और फोटो रखे थे। एक घंटे में आईसीआईसीआई बैंक के खाते से 25 हजार रुपये निकाल लिए।
 
मामले की जांच साइबर सेल ने की। इस पर दो आरोपियों को पकड़ लिया गया। थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि शनिवार को शाहगंज के सराय ख्वाजा निवासी आशीष और उसके साथी रामकुमार को गिरफ्तार किया है। 

दोनों ने एक खाते में रकम ट्रांसफर करके निकाल ली थी। दोनों ने इससे पहले न्यू आगरा और नाई की मंडी क्षेत्र में परीक्षा केंद्र के बाहर खड़ी एक्टिवा की डिकी खोलकर मोबाइल और पर्स की चोरी की थी। आरोपियों को पकड़ने वाली साइबर सेल की टीम में सिपाही विजय तोमर, इंतजार, बबलू आदि थे।

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आशीष एलएलबी, एमसीए है, जबकि रामकुमार 12वीं पास है। दोनों परीक्षा केंद्रों के बाहर खड़े हो जाते हैं। जो अभ्यर्थी अपनी एक्टिवा या बाइक की डिकी में सामान रखकर जाते हैं, उनको दोनों आरोपी निशाना बनाते हैं। डिकी को आसानी से खोल लेते हैं। जिन डिकी में एटीएम कार्ड मिलता है। 

उसको प्रयोग में लाने के लिए फर्जी नाम और पते से पेमेंट बैंक का एकाउंट बनाते हैं। उससे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते थे। इसके बाद एटीएम से जाकर खाते से रकम निकालते थे। रामकुमार ने तेजवीर के खाते से रकम ट्रांसफर करने के लिए एयरटेल मनी पर एकाउंट बनाया था। मोबाइल को इस्तेमाल के कुछ देर बाद ही बंद कर देते हैं। 

इन खातों से निकाली रकम 

आरोपियों ने एमडी जैन इंटर कॉलेज, आरबीएस और आगरा कॉलेज में परीक्षा देने आए तेजवीर सिंह के खाते से 25 हजार, अर्जुन नगर निवासी रजनी के खाते से 6100 रुपये और रामनगर, खंदौली निवासी प्रशांत कौशिक के खाते से दस हजार रुपये निकाले थे।
साइबर सेल एक्सपर्ट के मुताबिक, मोबाइल में लॉक लगाकर रखें। डिकी में मोबाइल रखकर जा रहे हैं तो अपना एटीएम कार्ड नहीं होना चाहिए। कार्ड पर लिखा सीवीवी नंबर मिटा दें। इससे कार्ड चोरी होने पर भी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं हो पाएगा। 

मोबाइल में मैसेज नोटिफिकेशन को हाइड रखें। यदि, नोटिफिकेशन को ऑन रख रहे हैं तो उसमें कंटेंट हाइड का विकल्प चुनें। इससे लॉक लगा होने पर ओटीपी का मैसेज किसी अन्य व्यक्ति को नहीं दिखाई देगा।

सार

  • एटीएम कार्ड और मोबाइल चोरी करके खाते से निकालते थे रकम
  • थाना हरीपर्वत पुलिस ने सरगना सहित दो आरोपी किए गिरफ्तार, फर्जी नाम से बनाते थे ई-वालेट एकाउंट, 

विस्तार

अपने मोबाइल में मैसेज नोटिफिकेशन को हमेशा हाइड रखें अन्यथा आपके बैंक खाते में सेंध लग सकती है। यह सलाह साइबर सेल ने दी है। दरअसल, आगरा में परीक्षा केंद्रों के बाहर पार्किंग में खड़े एक्टिवा की डिकी तोड़कर मोबाइल और पर्स चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्य पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। 

गिरोह का सरगना एमसीए पास है। वो पर्स में मिलने वाले एटीएम कार्ड से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने के बाद खाते से रकम निकाल लेता था। मोबाइल में मैसेज नोटिफिकेशन हाइड नहीं होने की वजह से ओटीपी देख लेते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेजा है।

सदर क्षेत्र के उखर्रा निवासी तेजवीर सिंह की आठ जनवरी को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की परीक्षा एमडी जैन इंटर कॉलेज में थी। उन्होंने परीक्षा में जाने से पहले अपना एक्टिवा कॉलेज के बाहर पार्किंग में खड़ा किया था। परीक्षा में मोबाइल और पर्स नहीं ले जा सकते थे, इसलिए तेजवीर ने अपना मोबाइल और पर्स एक्टिवा की डिकी में रख दिया। 



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