vishal panwar May 26, 2021


वॉशिंगटन: कोरोना (Coronavirus) महामारी के खतरे के बीच एक बड़ा खतरा पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है. हालांकि, इसके परिणाम भले ही अभी महसूस न किए जा सकें, लेकिन आने वाले समय में यह हमें कई तरह से प्रभावित कर सकता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, सूर्य (Sun) की सतह से लाखों टन सुपर हॉट गैसें (Super Hot gases) निकली हैं, जो धरती की तरफ बढ़ रही हैं. इस घटना को आधिकारिक तौर पर ‘कोरोनल मास इजेक्शन’ (Coronal Mass Ejection) के रूप में जाना जाता है.

सबसे बड़े Geomagnetic Storm का खतरा

हमारी सहयोगी वेबसाइट WION में छपी खबर में वैज्ञानिकों के हवाले से बताया गया है कि सूरज से कुछ दिन पहले निकलीं ये गैसें भले ही पृथ्वी को गंभीर नुकसान पहुंचाने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली नहीं हैं, लेकिन ये अब तक के सबसे पावरफुल भू-चुंबकीय तूफान (Geomagnetic Storm) या सौर तूफान को जन्म देंगी. अधिकांश लोगों को तो इसका अहसास भी नहीं होगा, पर भविष्य में इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे. 

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इस तरह प्रभावित करेंगी Gases

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह घटना चिंता का विषय इसलिए है कि सालों की निष्क्रियता के बाद सूर्य एकदम से जाग गया है. इसका अर्थ है कि भविष्य में भी ऐसा कुछ घटित हो सकता है. उन्होंने कहा कि सुपर हॉट गैसें प्रत्यक्ष रूप से किसी के लिए नुकसानदायक नहीं हैं, लेकिन ये पावर ग्रिड और रेडियो संचार को प्रभावित करेंगी और साथ ही इनमें एयरलाइन कर्मियों और यात्रियों को जहरीले विकिरण के संपर्क में लाने की गंभीर क्षमता है. ये गैसें सैटेलाइट प्रोग्राम पर भी असर डाल सकती हैं.

और बढ़ेंगे Solar Storms

पिछले साल यानी 2020 में, सूर्य ने अपनी नई 11-वर्षीय साइकिल शुरू की है, जिसके 2025 में चरम पर होने की उम्मीद है. इस लिहाज से सौर तूफान जैसी घटनाओं में आने वाले वर्षों में तेजी आ सकती है. पिछली बार करीब 17 साल पहले इस तरह के सौर तूफान का धरती ने सामना किया था. पिछले दो दशकों में, प्रौद्योगिकी पर हमारी निर्भरता कई गुना बढ़ गई है और वैज्ञानिकों को डर है कि सौर तूफानों में लगातार वृद्धि वैश्विक स्तर पर तकनीक को संभावित रूप से बाधित कर सकती है.

ये हैं सबसे ज्यादा Danger में 

वैज्ञानिकों का मानना है कि ये सौर तूफान स्पेस वेदर कंडीशन को बुरी तरह से प्रभावित कर सकते हैं. साथ ही इसका असर धरती पर भी पड़ सकता है. इससे संचार प्रणालियां जाम ही सकती हैं, GPS सिस्टम बेकार हो सकते हैं. इसके अलावा, इन तूफानों के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों, जैसे कि एयरलाइन क्रू या यात्रियों में   मोतियाबिंद और गर्भपात का खतरा अधिक रह सकता है. बता दें कि सौर तूफान सूरज की 11-वर्षीय साइकिल के कारण होते हैं, ऊर्जा स्रोत के चुंबकीय क्षेत्र की ध्रुवीयता को बदलती है. 

 





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