vishal panwar April 28, 2021


नई दिल्ली: देश में कोरोना (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में, वैक्सीन (Vaccine) को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उत्प्न्न हो रहे हैं. इसी बीच पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (PHE) के एक अध्ययन के मुताबिक, यह पाया गया है कि ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका या फाइजर/बायोएनटेक टीकों की एक खुराक भी कोविड-19 की संचरण दर को आधा कर देती है.

टीके की एक खुराक है कारगर 

इस अध्ययन के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जो लोग एक टीका लगवाने के तीन हफ्तों के अंदर संक्रमित हो गए थे उनसे टीका नहीं लेने वाले लोगों के संक्रमित होने की आशंका 38 से 49 प्रतिशत के बीच कम रही. पीएचई ने यह भी पाया कि टीकाकरण के 14 दिनों बाद कोविड-19 से सुरक्षा देखी गई और उम्र और संपर्कों का इस संरक्षण पर कोई खास असर नहीं दिखा.

ये भी पढ़ें- SpaceX के रॉकेट के पास से गुजरा अंतरिक्ष का मलबा, खतरे में पड़ी एस्ट्रोनॉट्स की जा

स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से की अपील 

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक (Matt Hancock) ने कहा, ‘एक स्टडी दिखाता है कि टीके की एक खुराक घरेलू संचरण के खतरे को 50 प्रतिशत तक कम कर देती है. यह इस बात को फिर से प्रमाणित करता है कि टीका आपको और आपके आसपास रहने वालों को बचाता है. स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की, ‘जब आपको टीका लगवाने के लिये फोन आए, टीका लगवाएं।’

अध्ययन ने टीके की पुष्टि की

बुधवार को सामने आए इस अध्ययन ने इस टीके की पुष्टि की जबकि अभी विशेषज्ञों द्वारा पूर्ण समीक्षा की जानी बाकी है. इस अध्ययन के दौरान 24000 घरों के 57000 से ज्यादा लोगों से संपर्क किया गया जहां प्रयोगशाला से पुष्ट कोविड-19 का कम से कम एक मरीज था, जिसे टीके की एक खुराक दी जा चुकी थी, इन लोगों की तुलना टीका नहीं लगवाने वाले करीब 10 लाख लोगों से की गई.

ये भी पढ़ें – अमेरिका के टॉप विशेषज्ञ ने कहा, Covaxin में है कोविड-19 के 617 प्रकारों को बेअसर करने की ताकत

प्राइमरी और सेकेंडरी मामले 

घर में टीका लगवा चुके व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद दो से 14 दिनों में उसके संपर्क में आए किसी व्यक्ति को कोरोना वायरस संक्रमण होने पर उसे सेकेंडरी मामले के तौर पर परिभाषित किया गया. गौरतलब है कि अध्ययन में शामिल अधिकांश लोगों की उम्र 60 साल से कम थी. पूर्व के अध्ययनों में यह पाया गया था कि दोनों में से किसी भी टीके की एक खुराक लेने के चार हफ्ते बाद संक्रमित होने का खतरा 60-65 प्रतिशत तक कम हो जाता है.

सामान्य जीवन की तरफ लौटने में मददगार हैं टीके

पीएचई में टीकाकरण की प्रमुख डॉ. मैरी रेमसे (Dr. Mary Ramsay) कहती हैं, ‘हमारे सामान्य जीवन की तरफ लौटने में मदद करने के लिए टीके महत्वपूर्ण हैं. टीके न सिर्फ बीमारी की गंभीरता को कम करते हैं बल्कि रोजाना हजारों मौतें रोकते हैं. हम अब देख रहे हैं कि वह दूसरों में कोविड-19 के प्रसार के जोखिम को कम करने में भी मददगार हैं.’

विज्ञान से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

LIVE TV





Source link

Leave a comment.

Your email address will not be published. Required fields are marked*