vishal panwar August 23, 2020


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Updated Sun, 23 Aug 2020 08:43 PM IST

जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम (फाइल फोटो)
– फोटो : अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

आगरा में जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की लाश की शिनाख्त में पुलिस लापरवाही के कारण नौ घंटे की देरी के मामले में दरोगा गंगा प्रसाद का तबादला बाह थाना कर दिया गया है। डॉ. योगिता का शव मिलने के बाद इसका फोटो पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप पर सीओ फतेहाबाद ने डाल दिया था।  

एमएम गेट थाना की पुलिस ने न तो व्हाट्स एप ग्रुप देखा। न ही एसएन मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में जाकर शव देखे। डौकी थाना से लाकर यहीं पर डॉ. योगिता का शव रखा था। अगर पुलिस ग्रुप देख लेती या मोर्चरी चली जाती तो तुरंत ही पहचान हो जाती। 

18 अगस्त की शाम तकरीबन साढ़े सात बजे योगिता लेडी लॉयल (महिला जिला अस्पताल) के सामने स्थित अपने किराए के घर से निकली थीं। 19 अगस्त की सुबह आठ बजे डौकी के बमरौली गांव में शव मिला।

योगिता के परिजन सुबह नौ बजे एमएम गेट थाने पर आ गए थे। इसके बावजूद थाना एमएम गेट पुलिस सक्रिय नहीं हुई। डॉ. योगिता के भाई डॉ. मोहिंदर गौतम ने अपहरण की तहरीर दी थी। थाना के प्रभारी निरीक्षक छुट्टी पर थे। इस पर ग्रुप पर देखने की जिम्मेदारी प्रभारी एसएसआई गंगाप्रसाद की थी। 

100 मीटर की दूरी पर एसएन मेडिकल कालेज के पोस्टमार्टम हाउस में जाकर भी शव नहीं देखा गया। शाम तकरीबन छह बजे शनाख्त हो सकी थी। इस मामले में एडीजी अजय आनंद ने एसएसपी काो जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसएसपी बबलू कुमार ने रविवार को एसएसआई गंगाप्रसाद का तबादला बाह थाना के एसएसआई पद पर कर दिया गया है।
डॉ. योगिता के हत्यारोपी डॉ विवेक तिवारी को पुलिस रिमांड पर दिए जाने की याचिका पर सोमवार को फैसला आ सकता है। उसका रिमांड मिलने पर पुलिस उससे 25 सवाल करेगी। इनकी लिस्ट तैयार कर ली गई है। हत्या की साजिश से लेकर साक्ष्य मिटाने तक  केबारे में पूछताछ होगी। पुलिस की कोशिश उसकी निशानदेही पर वह रिवाल्वर इस्तेमाल करने की होगी जिससे हत्या की गई। खून से सने उसके कपड़े भी नहीं मिले हैं।

सार

  • पुलिस की लापरवाही से नौ घंटे देरी से हुई थी शव की पहचान, दरोगा का तबादला
  • पुलिस के व्हाट्स एप ग्रुप पर था शव का फोटो, दरोगा  ने देखा ही नहीं

विस्तार

आगरा में जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम की लाश की शिनाख्त में पुलिस लापरवाही के कारण नौ घंटे की देरी के मामले में दरोगा गंगा प्रसाद का तबादला बाह थाना कर दिया गया है। डॉ. योगिता का शव मिलने के बाद इसका फोटो पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप पर सीओ फतेहाबाद ने डाल दिया था।  

एमएम गेट थाना की पुलिस ने न तो व्हाट्स एप ग्रुप देखा। न ही एसएन मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में जाकर शव देखे। डौकी थाना से लाकर यहीं पर डॉ. योगिता का शव रखा था। अगर पुलिस ग्रुप देख लेती या मोर्चरी चली जाती तो तुरंत ही पहचान हो जाती। 

18 अगस्त की शाम तकरीबन साढ़े सात बजे योगिता लेडी लॉयल (महिला जिला अस्पताल) के सामने स्थित अपने किराए के घर से निकली थीं। 19 अगस्त की सुबह आठ बजे डौकी के बमरौली गांव में शव मिला।



Source link

Leave a comment.

Your email address will not be published. Required fields are marked*