vishal panwar August 22, 2020


भोपाल: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में पिछले 24 घंटों में तेज बारिश ने कई हिस्सों में बाढ़ के हालात पैदा कर दिए हैं. अचानक पानी भरने के बाद लोगों को जान बचाने के लिए पेड़ों पर चढ़कर जिंदगी गुजारनी पड़ रही है. भोपाल (Bhopal) के कोलार इलाके में भी शुक्रवार की रात को अचानक पानी भरा तो एक परिवार जान बचाने के लिए पेड़ों पर चढ़ने को मजबूर हो गया. जिसे शनिवार को NDRF ने नीचे उतारकर ऊंचे इलाके में पहुंचाया. 

बता दें कि पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश की वजह से राज्य में नदी नाले उफान पर हैं. राज्य की नर्मदा, बेतवा, जामनी, सिंध, धसान जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. साथ ही तमाम जलाशयों (डैम) का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है. तेज बारिश की वजह से नदी किनारे के गांवों में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. 

भोपाल के कोलार इलाके के छान गांव में भी शुक्रवार की रात को अचानक पानी भर गया. जिसके चलते वहां रह रहे कई परिवार पानी में घिर गए. वहां रह रहे हरिनारायण को जब कोई ओर रास्ता नहीं सूझा तो वे अपने दो बच्चों और गाय के बछड़े को साथ लेकर पास के एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गए. पूरी रात पेड़ पर गुजारने के बाद शनिवार को NDRF का दस्ता वहां पहुंचा और उन्हें पेड़ से उताकर ऊंचे स्थान पर भिजवाया. 

ऐसे ही हालात राज्य के दूसरे इलाकों में भी हैं. राज्य के दूसरे हिस्सों में भी जलभराव और नदी-नालों के उफान पर होने की खबरें आ रही हैं. उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट के कई मंदिर पानी में डूब गए हैं. 

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार सुबह बाढ़ के हालात पर चर्चा करने के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाई. उन्होंने हरेक जिलों में बने आपदा नियंत्रण केंद्र को 24 घंटे सक्रिय रखने और बड़े बांधों व जलाशयों की स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया. 

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे बारिश के कारण अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें. वहीं पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि सरकार खतरे वाली जगहों पर लोगों के जाने पर रोक लगाए. साथ ही बचाव कार्य के कामों में भी तेजी लाई जाए. 

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