vishal panwar August 23, 2020


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 23 Aug 2020 11:31 AM IST

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कानपुर के बाबूपुरवा थाना क्षेत्र निवासी महिला को सऊदी से फोन पर तीन तलाक देने के मामले में शनिवार को पीड़िता और विवेचना अधिकारी के बीच हुई बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस बातचीत में पीड़िता विवेचना अधिकारी को पति के साथ परिजनों के भी शामिल होने के साक्ष्य दे रही है।

विवेचना अधिकारी को बता रहे हैं कि तुम्हारे पति को तो जेल भेज दिया गया है अब क्या होना है…। महिला ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाबूपुरवा पुलिस पर भरोसा न होने पर पीड़िता की मांग पर तत्कालीन एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता ने जांच रेल बाजार थाने को ट्रांसफर कर दी थी।

हाल में रेल बाजार पुलिस ने पीड़िता के पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़िता का आरोप था कि वर्तमान विवेचना अधिकारी सुजातगंज चौकी इंचार्ज पवन दुबे ने बताया था कि केस डायरी से पति को छोड़कर सभी के नाम पूर्व विवेचना अधिकारी मंसूर अली ने हटा दिए हैं। सीओ बाबूपुरवा आलोक सिंह ने केस डायरी की जांच शुरू कर दी।

शनिवार को विवेचना अधिकारी और पीड़िता के बीच व्हाट्सएप पर हुई बात (चैटिंग) का स्क्रीनशॉट वायरल हुआ। इसमें पीड़िता बाकी आरोपियों के खिलाफ सुबूत देने की बात कर रही है। विवेचना अधिकारी उसे बता रहे हैं कि ‘कानून इमोशन पर नहीं चलता है’। ‘कानून का कहना है कि तीन गुनहगार बच जाएं, लेकिन एक भी बेगुनाह जेल नहीं जाना चाहिए’। पीड़िता इस संबंध में शनिवार को सीओ कार्यालय में मिलने पहुंची, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।

कानपुर के बाबूपुरवा थाना क्षेत्र निवासी महिला को सऊदी से फोन पर तीन तलाक देने के मामले में शनिवार को पीड़िता और विवेचना अधिकारी के बीच हुई बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस बातचीत में पीड़िता विवेचना अधिकारी को पति के साथ परिजनों के भी शामिल होने के साक्ष्य दे रही है।

विवेचना अधिकारी को बता रहे हैं कि तुम्हारे पति को तो जेल भेज दिया गया है अब क्या होना है…। महिला ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाबूपुरवा पुलिस पर भरोसा न होने पर पीड़िता की मांग पर तत्कालीन एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता ने जांच रेल बाजार थाने को ट्रांसफर कर दी थी।

हाल में रेल बाजार पुलिस ने पीड़िता के पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़िता का आरोप था कि वर्तमान विवेचना अधिकारी सुजातगंज चौकी इंचार्ज पवन दुबे ने बताया था कि केस डायरी से पति को छोड़कर सभी के नाम पूर्व विवेचना अधिकारी मंसूर अली ने हटा दिए हैं। सीओ बाबूपुरवा आलोक सिंह ने केस डायरी की जांच शुरू कर दी।

शनिवार को विवेचना अधिकारी और पीड़िता के बीच व्हाट्सएप पर हुई बात (चैटिंग) का स्क्रीनशॉट वायरल हुआ। इसमें पीड़िता बाकी आरोपियों के खिलाफ सुबूत देने की बात कर रही है। विवेचना अधिकारी उसे बता रहे हैं कि ‘कानून इमोशन पर नहीं चलता है’। ‘कानून का कहना है कि तीन गुनहगार बच जाएं, लेकिन एक भी बेगुनाह जेल नहीं जाना चाहिए’। पीड़िता इस संबंध में शनिवार को सीओ कार्यालय में मिलने पहुंची, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।



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