vishal panwar August 22, 2020


दामोदर प्रसाद, जयपुर: प्रदेश को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले विभागों में परिवहन विभाग मुख्य विभाग है. राजस्व अर्जन में परिवहन विभाग को राज्य सरकार के द्वारा पांचवें नंबर का दर्जा भी दिया गया है. अब वर्ष 2020—21 के लिए भी परिवहन आयुक्त रवि जैन के द्वारा राजस्व अर्जन को लेकर प्रदेश के सभी आरटीओ और डीटीओ अधिकारियों को उनके टारगेट भी जारी कर दिए हैं.

परिवहन विभाग को इस वित्तीय वर्ष में करीब 6000 करोड़ रुपये का टारगेट दिया गया है. ऐसे में सबसे अधिक टारगेट की बात की जाए तो सबसे अधिक टारगेट भी जयपुर आरटीओ को दिया गया है. जयपुर आरटीओ को 2020 और 21 के लिए 1200 करोड़ रुपये का टारगेट दिया गया है. 

इसके साथ जोधपुर की बात की जाए तो जोधपुर आरटीओ को भी करीब 589 करोड़ का टारगेट दिया है. इसके बाद अजमेर आरटीओ को 528 करोड़ का टारगेट मिला है. उदयपुर आरटीओ को 548 करोड़ का टारगेट तो बीकानेर आरटीओ को 455 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जन करना है.

जानिए किस आरटीओ को मिला कितना टारगेट
जयपुर आरटीओ को 1205.62 करोड़ 
दौसा आरटीओ को 186.24 करोड़ 
सीकर आरटीओ को 458.12 करोड़ 
अलवर आरटीओ को 348. 55 करोड़
भरतपुर आरटीओ को 237. 6 करोड़ 
अजमेर आरटीओ को 528.63 करोड़ 
जोधपुर आरटीओ को 589. 89 करोड़ 
पाली आरटीओ को 312. 56 करोड़
उदयपुर आरटीओ को 548. 25 करोड़ 
चित्तौड़गढ़ आरटीओ का 434.1 करोड़ 
कोटा आरटीओ को 375.47 करोड़ 
बीकानेर आरटीओ को 455.60 करोड़ 

परिवहन विभाग को पिछले साल की तुलना में इस साल करीब 350 करोड़ रुपये का ज्यादा राजस्व लक्ष्य हासिल करना है क्योंकि परिवहन विभाग को वित्तीय वर्ष 2019 और 20 के अंतर्गत 5650 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करना था लेकिन विभाग वह राजस्व लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया था और विभाग करीबन 5000 करोड़ के आसपास राजस्व लक्ष्य हासिल कर पाया था. लेकिन अब इस वित्तीय वर्ष में परिवहन विभाग को इस साल टारगेट को बढ़ाकर 6000 करोड़ रुपये भी कर दिया है, जो कि विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगी.

इस समय देश भर में कोरोना का प्रकोप है और केंद्र सरकार के द्वारा विभाग के सभी कागजात जिनमें टैक्स, फिटनेस, आरसी लाइसेंस की वैधता को बढ़ाकर 30 सितंबर तक कर दिया है. ऐसे में इंस्पेक्टर भी चालान नहीं कर पाएंगे, इसके साथ ही बीते दिनों परिवहन विभाग में हुई ACB कार्रवाई के बाद विभाग के कुछ अधिकारियों के मन में अभी भी डर का माहौल बना हुआ है. ऐसे में विभाग को इस वित्तीय वर्ष में 6000 करोड़ का राजस्व अर्जन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. ऐसे में अब देखने वाली बात यह होगी कि विभाग के नए मुखिया परिवहन आयुक्त रवि जैन के निर्देश में क्या विभाग इस वित्तीय वर्ष में अपना राजस्व लक्ष्य अर्जित कर पाता है या नहीं.

 





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