vishal panwar August 23, 2020


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 23 Aug 2020 10:35 PM IST

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

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कानपुर में शिक्षकों को प्रेरित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग प्रदेश भर के सौ शिक्षकों की प्रेरणादायी कहानियों की किताब प्रकाशित करेगा। विभाग ने इन शिक्षकों की सूची भी तैयार कर ली है। शहर के भी कई शिक्षक इस सूची में हैं, हालांकि नाम अभी घोषित नहीं किए गए हैं।

शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग हर संभव प्रयास में लगा है। ऐसे में अब शिक्षकों के माध्यम से ही शिक्षकों को प्रेरित करने की कवायद शुरू की गई है। शासन ने ऐसे शिक्षकों की सूची मांगी गई है जिन्होंने स्कूल में शिक्षा के लिए बेहतर कार्य किया हो।

इनमें उन शिक्षकों को भी शामिल किया गया है जिनका व्यक्तित्व और कार्यशैली दूसरे को प्रभावित करने वाली है। मसलन स्कूल को मॉडल स्कूल बनाया हो, कक्षाओं में छात्रों को बेहतर माहौल दिया हो आदि। बेसिक शिक्षा विभाग ने हर विकासखंड से ऐसे कुछ शिक्षकों की सूची एकत्र कर शासन को भेज दी है।

बीएसए डॉ. पवन तिवारी का कहना है कि शिक्षकों की कहानी का चयन शासन स्तर पर ही किया जाएगा। बताया कि अजीज प्रेमजी विश्वविद्यालय ने भी देश भर से 100 शिक्षकों की सूची तैयार की थी, उन्हीं की तर्ज पर विभाग भी यह प्रयोग करने जा रहा है।

कानपुर में शिक्षकों को प्रेरित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग प्रदेश भर के सौ शिक्षकों की प्रेरणादायी कहानियों की किताब प्रकाशित करेगा। विभाग ने इन शिक्षकों की सूची भी तैयार कर ली है। शहर के भी कई शिक्षक इस सूची में हैं, हालांकि नाम अभी घोषित नहीं किए गए हैं।

शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग हर संभव प्रयास में लगा है। ऐसे में अब शिक्षकों के माध्यम से ही शिक्षकों को प्रेरित करने की कवायद शुरू की गई है। शासन ने ऐसे शिक्षकों की सूची मांगी गई है जिन्होंने स्कूल में शिक्षा के लिए बेहतर कार्य किया हो।

इनमें उन शिक्षकों को भी शामिल किया गया है जिनका व्यक्तित्व और कार्यशैली दूसरे को प्रभावित करने वाली है। मसलन स्कूल को मॉडल स्कूल बनाया हो, कक्षाओं में छात्रों को बेहतर माहौल दिया हो आदि। बेसिक शिक्षा विभाग ने हर विकासखंड से ऐसे कुछ शिक्षकों की सूची एकत्र कर शासन को भेज दी है।

बीएसए डॉ. पवन तिवारी का कहना है कि शिक्षकों की कहानी का चयन शासन स्तर पर ही किया जाएगा। बताया कि अजीज प्रेमजी विश्वविद्यालय ने भी देश भर से 100 शिक्षकों की सूची तैयार की थी, उन्हीं की तर्ज पर विभाग भी यह प्रयोग करने जा रहा है।



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