vishal panwar August 22, 2020


पटना: बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन (Mahagathbandhan) में शामिल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के बाहर जाने के बाद, अब सीट बंटवारे को लेकर कवायद शुरू हो गई है. इस मसले पर हालांकि, फिलहाल कोई खुलकर नहीं बोल रहा है, लेकिन बड़े से लेकर छोटे दल भी बंटवारे में ज्यादा से ज्यादा सीटें पाने की फिराक में हैं.

महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस जहां पिछली बार से अधिक सीटों की चाहत रखे हुए हैं, वहीं छोटे दल भी ‘सम्मानजनक’ संख्या में सीटें मांग रहे हैं। इस बीच, सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस और आरजेडी के पिछले चुनाव से ज्यादा सीटों पर दावा कर रहे हैं, ऐसे में छोटे दल असमंजस में हैं.

पिछले विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में कांग्रेस, आरजेडी के साथ जनता दल (युनाइटेड) थी. तब आरजेडी और जेडी यू 101-101 सीटों पर, जबकि 41 सीटों पर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतारे थे. इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में परिस्थितियां बदली हुई हैं.

जेडीयू अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में है, जबकि पिछले चुनाव में एनडीए में रहे राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (RLSP) अब महागठबंधन की घटक है. कांग्रेस ने इस चुनाव में 60 से अधिक सीटों पर अपनी दावेदारी कर दी है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह कह चुके हैं कि, इस चुनाव में कांग्रेस 80 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. कहा जा रहा है कि, पिछली सीटों के अलावा कांग्रेस कुछ नई सीटों की भी पहचान कर चुकी है, जहां संगठन मजबूत है.

कांग्रेस चुनाव समिति ने क्षेत्र में अपनी जमीन तलाशने के लिए, वरिष्ठ नेताओं को क्षेत्रों में ‘ऑब्जर्बर’ बनाकर भेजा है. कहा जा रहा है कि, इन नेताओं की रिपोर्ट मिलने के बाद कांग्रेस अपने पत्ते खोलेगी. इधर, आरजेडी भी पिछले चुनाव से अधिक सीटों पर दावेदारी ठोकने का मन बना चुकी है.

आरजेडी के सूत्रों के मुताबिक, पार्टी इस चुनाव में राज्य की 243 सीटों में से 150 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर सकती है. सूत्र तो यहां तक दावा कर रहे हैं कि, आरजेडी अपनी सीटों को चिन्हित कर कई क्षेत्रों में प्रत्याशियों को तैयार रहने के भी निर्देश दे दिए हैं.

आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी हालांकि, सीट बंटवारे के संबंध में पूछे जाने पर कहते हैं कि, सब कुछ समय आने पर तय हो जाएगा. उन्होंने कहा, ‘महागठबंधन में अभी कई और दल आना चाहते हैं, इसके बाद सभी दल के नेता बैठकर सबकुछ तय कर लेंगे.’

इधर, आरएलएसपी, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) जैसे छोटे दल असमंजस में हैं. इन दोनों दलों को लेकर आरजेडी और कांग्रेस कोई भी सीधे बात करने को तैयार नहीं है. सूत्रों का कहना है कि, छोटे दलों को लेकर अब तक महागठबंधन में कोई बात नहीं बन पाई है. फिलहाल जो स्थिति है, उसमें छोटे दलों को ‘सम्मानजनक’ सीटों की संख्या कितनी होगी, इसे लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है. (इनपुट IANS से भी)





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