vishal panwar August 22, 2020


अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 22 Aug 2020 09:08 PM IST

कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI

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इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने पूर्वी यूपी में कोरोना संक्रमण की पहचान के लिए सीरो सर्वे फिर से शुरू किया है। इसके लिए पूर्वी यूपी के तीन जिले चयनित किए गए हैं। इनमें पहले चरण का सर्वे खत्म हो चुका है। जबकि दूसरे चरण का सीरो सर्विलांस शुरू हो चुका है। पहले चरण में संक्रमण की दर एक फीसदी से कम मिली थी।

आईसीएमआर ने सीरो सर्विलांस के लिए पूर्वी यूपी के गोंडा, बलरामपुर और मऊ को चुना है। तीनों जिलों में सर्विलांस की जिम्मेदारी रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) को दी है। हर जिले में चार-चार सौ लोगों के खून के नमूनों की जांच होगी। इससे उनके शरीर में बने एंटीबॉडी की पहचान हो सकेगी।

इसके लिए आरएमआरसी ने 10 टीमें बनाई है। आरएमआरसी के मीडिया प्रभारी डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि सीरो सर्विलांस के लिए हर जिले में 10-10 टीमें बनाई गई हैं। यह टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में 40-40 घरों का चयन करेंगी। हर घर से एक-एक व्यक्ति के खून का सैंपल लिया जाएगा। इन नमूनों में एंटीबॉडी टेस्टिंग होगी। यह जांच रैपिड किट और एलाइजा दोनों से होगी।

 

तीनों जिलों में अप्रैल में पहले चरण का सर्वे शुरू हुआ था। गोंडा में चार, बलरामपुर में तीन और मऊ में एक संक्रमित की पहचान हुई थी। संक्रमण की दर 0.7 फीसदी मिली थी। इसमें 18 साल से 59 साल के बीच के लोगों का चयन हुआ था।

आरएमआरसी के मीडिया प्रभारी डॉ. अशोक पांडेय ने कहा कि तीनों जिलों में दूसरे चरण का सीरो सर्विलांस शुरू हो गया है। इस बार 10 से लेकर 60 साल की उम्र के बीच लोगों का चयन किया जाएगा। जांच के नतीजे आने में एक महीने का समय लग सकता है। सैंपलिंग की प्रक्रिया चल रही है।
 
 

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने पूर्वी यूपी में कोरोना संक्रमण की पहचान के लिए सीरो सर्वे फिर से शुरू किया है। इसके लिए पूर्वी यूपी के तीन जिले चयनित किए गए हैं। इनमें पहले चरण का सर्वे खत्म हो चुका है। जबकि दूसरे चरण का सीरो सर्विलांस शुरू हो चुका है। पहले चरण में संक्रमण की दर एक फीसदी से कम मिली थी।

आईसीएमआर ने सीरो सर्विलांस के लिए पूर्वी यूपी के गोंडा, बलरामपुर और मऊ को चुना है। तीनों जिलों में सर्विलांस की जिम्मेदारी रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) को दी है। हर जिले में चार-चार सौ लोगों के खून के नमूनों की जांच होगी। इससे उनके शरीर में बने एंटीबॉडी की पहचान हो सकेगी।

इसके लिए आरएमआरसी ने 10 टीमें बनाई है। आरएमआरसी के मीडिया प्रभारी डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि सीरो सर्विलांस के लिए हर जिले में 10-10 टीमें बनाई गई हैं। यह टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में 40-40 घरों का चयन करेंगी। हर घर से एक-एक व्यक्ति के खून का सैंपल लिया जाएगा। इन नमूनों में एंटीबॉडी टेस्टिंग होगी। यह जांच रैपिड किट और एलाइजा दोनों से होगी।

 


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अप्रैल माह में पहले चरण की हुई थी शुरुआत



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