vishal panwar August 22, 2020


भोपाल: 24 घंटे की बारिश ने मध्य प्रदेश की राजधानी समेत प्रदेश कई जिलों को पानी-पानी कर दिया है. राजधानी की नालों में उफान है और सड़के जलमग्न है. तो वहीं इंदौर की सड़के जलमग्न है. कमोबेश यही हाल उज्जैन, शाजापुर, सिहोर और होशंगाबाद का भी है. प्रशासन ने सभी जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है.

राजधानी का हाल बेहाल

भारी बारिश के मंजर को देखते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने निवास पर आपात बैठक बुलाई. इसमें सभी वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर अतिवृष्टि की समीक्षा करने के लिए एसडीआरएफ को कहा गया है, साथ ही जिलों के कलेक्टर्स को भी राहत और बचाव कार्य के लिए बोला गया है. सीएम के आदेश के बाद जिला कलेक्टर्स, सांसद और तमाम प्रशासनिक अमला राहत बचाव कार्य में लग गया है. 

राजधानी का हाल बेहाल
भोपाल: भोपाल के शिव नगर इलाके में घरों में पानी घुस गया है. बारिश ने सबसे ज्यादा तबाही शिवनगर, भानपुर, कल्याण नगर में मचाया है. यहां के लोग घरों की छतों पर डेरा डालने को मजबूर हैं. राजधानी में अब तक 215.4 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है. 

Image preview

इंदौर में बारिश ने 39 साल का रिकॉर्ड तोड़ा
इंदौर:  देश की नंबर क्लीन सिटी में पिछले 24 घंटे में 10.3 इंच बारिश से पिछले 39 साल का रिकॉर्ड टूट गया है. शहर में पिछले 24 घंटे में आज सुबह 8:00 बजे तक 10.3 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है. इंदौर के नदी-नाले उफान पर है. कान्ह नदी का पानी जूनी इंदौर के हाथीपाला, कटकटपुरा, मुक्तिधाम तक भरा पड़ा है. इंदौर के करीब हातोद और यशवंत सागर के पास के सभी गांव में पानी भर गया है. इसके पहले अगस्त महीने में 1 दिन में सर्वाधिक बारिश 10 अगस्त 1981 को हुई थी. सीजन में कुल मिलाकर अब तक शहर में 32 इंच बारिश हो चुकी है. जो वार्षिक औसत से केवल तीन इंच कम है. इंदौर सांसद शंकर लालवानी सहित नगर निगम के अधिकारी शहर के दौरे पर हैं. 

Image preview

राम घाट स्थित सभी मंदिर जलमग्न हो गए
उज्जैन: उज्जैन और आसपास के इलाकों में देर रात से हो रही लगातार बारिश के चलते राम घाट पर शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया है. राम घाट स्थित सभी मंदिर जलमग्न हो गए हैं. शिप्रा नदी पर स्थित छोटे पुल से करीब 4 फीट ऊपर पानी बह रहा है.

Image preview

होशंगाबाद में तवा डैम के 5 गेट खोले गए
होशंगाबाद: राजधानी भोपाल से सटे होशंगाबाद जिले और आसपास के इलाकों में जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है. पचमढ़ी, बैतूल और तवा डेम के केचमेंट एरिया में जोरदार बारिश हो रही है. तवा डैम में लगातार इनफ्लो बढ़ने के कारण पांच गेट 5-5 फिट खोल दिए गए हैं. जिससे 40 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है. बांध प्रबंधन को बांध में पानी का लेबल 1160 फीट तक रखना है लेकिन डैम में इनफ्लो बढ़ने के कारण बांध के गेट खोलने का निर्णय लिया गया. नर्मदा का जलस्तर 960 फिट पर पहुंच गया. 

Image preview

शाजापुर में बस्तियों और झुग्गियों में भरा पानी
शाजापुर: शाजापुर व आगर जिले की सीमा के समीप बना निपानिया बांध टूटा गया है. बांध टूटने से बांध के समीप बनी सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया है. इससे नलखेड़ा-मोहनबड़ोदिया मार्ग बंद कर हो गया है. हालांकि पहली बार जोरदार बारिश से पूरे जिले में फसलों को राहत मिली है. जबकि कालापीपल क्षेत्र के खोखराकला गांव में निचली बस्तियों में पानी भर गया है, कई इलाकों में जल भराव  की स्थिति है. पिछले साल इसी गांव में बाढ़ आई थी. लोगों के घर पानी में डूब गए थे.

Image preview

सिहोर से राजधानी का संपर्क मार्ग बंद
सिहोर: प्रदेश के दूसरे जिलों की तरह ही सिहोर में भी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं. दर्जनों गांव का सड़क संपर्क टूटा चुका है. कोलास, पार्वती, नर्मदा नदी उफान पर हैं जिससे इनका पानी आसपास के कई गांवों में भर गया है. इछावर से आष्टा व भोपाल से सीहोर कुलास नदी, पार्वती नदी के उफान पर आने से रास्ते बंद हो गए हें.

सीएम ने आवास पर बुलाई आपात बैठक
प्रदेश में 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में हालात बेकाबू हो हैं. शहरों में जलभराव के हालात बने हैं तो वहीं तालाब और नदी के किनारे बाढ़ की स्थिति बनी है. इसे देखते हुए सीएम ने अपने निवास पर आपात बैठक बुलाई थी. इसमें भोपाल के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया गया था और अतिवृष्टि इलाकों पर तुरंत राहत कार्य करने के आदेश दिए थे. एसडीआरएफ की टीम को समीक्षा के लिए कहा गया है. 





Source link

Leave a comment.

Your email address will not be published. Required fields are marked*