vishal panwar August 22, 2020


पटना: बिहार में अवर सेवा चयन आयोग (BPSSC) की ओर से 1998 दारोगा और 215 सार्जेंट पद के लिए वैकेंसी निकाई गई है. उम्मीदवारों को 24 सितंबर तक अपने आवेदन आयोग के पास भेजने हैं. लेकिन अब इस वेकैंसी का विरोध शुरु हो गया है. दरअसल ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष के स्टूडेंट, इस परीक्षा का विरोध कर रहे हैं. इसके पीछे की वजह भी खास है.

दरअसल, कोरोना (Corona) संक्रमण के कारण पिछले 22 मार्च से सभी कॉलेजों में पढ़ाई पूरी तरह बाधित है और कॉलेज लगातार बंद हैं. ऐसे में ग्रेजुएशन कर रहे स्टूडेंटस की समस्या, यह है कि अगर कॉलेज खुले रहते तो उनके आखिरी वर्ष का एक्जाम पूरा हो जाता और उनके पास परीक्षा रिजल्ट भी होता, जिसके आधार पर वो दारोगा परीक्षा के लिए आवेदन दे सकते थे. लेकिन कॉलेज बंद होने के कारण उनकी अंतिम वर्ष की परीक्षा अभी तक नहीं हो सकी है.

#पटना: दारोगा की नई वैकेंसी का छात्र कर रहे हैं विरोध, पूर्व में निकाली गई दारोगा वैकेंसी भी अधर में

Posted by Zee Bihar Jharkhand on Friday, August 21, 2020

जानकारी के अनुसार, पूरे बिहार के लगभग 4 लाख ऐसे स्टूडेंट हैं, जो अभी अपनी आखिरी समेस्टर की परीक्षा नहीं दे पाए हैं और अभी आने वाली किसी भी वैकेंसी में शामिल नहीं हो सकते हैं. फाईनल ईयर के ऐसे ही स्टूडेंट्स ने दारोगा परीक्षा को लेकर सरकार के फैसले पर नाराजगी जाहिर की है.

स्टूडेंट्स का कहना है कि, अगर लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से उनकी परीक्षा नहीं हो पाई है और रिजल्ट नहीं आया है तो उसके लिए, स्टूडेंट्स कहीं से जिम्मेवार नहीं हैं. चुनाव के वक्त दारोगा के लिए आई वैकेंसी पूरी तरह से चुनावी है. अगर सरकार को यह परीक्षा करानी है तो, एपियरिंग कैंडिडेट को भी मौका दिया जाना चाहिए.

गौरतलब है कि इससे पहले भी, 2446 दारोगा बहाली की वैकेंसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है. 2446 पदों के लिए निकली वैकेंसी में अबतक सिर्फ पीटी की परीक्षा हो पाई है. कोरोना संक्रमण की वजह से मुख्य परीक्षा अभी तक नहीं हो सकी है. ऐसे में स्टूडेंट्स का ये आरोप है कि, जब पहले निकाली गई वैकेंसी को ही आयोग पूरा नहीं कर पाया तो, ऐसे में नई वैकेंसी के लिए परीक्षा कहां तक जायजा है. अगर आयोग को नई वैकेंसी के लिए परीक्षा लेनी है तो, इसमें ग्रेजुएशन एपियरिंग कैंडिडेट को भी मौका दिया जाए.





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