vishal panwar August 22, 2020


रांची: झारखंड की राजधानी रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है. जब हाईकोर्ट के अधिवक्ता ने मॉर्निंग वॉक से रोके जाने के खिलाफ मेकॉन के सीएमडी सहित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है.

दरअसल, 30 मई को सुबह के 7:15 यह वक्त था जब हाईकोर्ट के अधिवक्ता अरगोड़ा निवासी अभिषेक मॉर्निंग वॉक के लिए मेकॉन कॉलोनी गए, लेकिन उन्हें कॉलोनी के सुरक्षा गार्ड ने सिर्फ इस वजह से रोक दिया कि वह मेकॉन के एम्पलाई नहीं हैं.

मामले पर अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले को लेकर घंटों बकझक होती रही और अधिवक्ता ने एसएसपी से लेकर शहर के अन्य पुलिस को भी इसकी जानकारी दी. इसके बाद डोरंडा थाने पुलिस के वहां पर पहुंचने के बाद उन्हें उस इलाके में प्रवेश करने की इजाजत दी गई, जिसके बाद मौलिक अधिकार का हनन होने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता अभिषेक कृष्णा गुप्ता ने मेल के जरिए डोरंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दे दिया.

शिकायत 6 जून को की गई, लेकिन थाने में 8 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की गई. प्राथमिकी दर्ज करने में भी इतने वक्त लगने की वजह से अधिवक्ता परेशान हैं, लेकिन उन्हें न्याय की उम्मीद है. 

हाईकोर्ट के अधिवक्ता और शिकायतकर्ता के मुताबिक आर्टिकल 19 कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ़ इंडिया के तहत किसी भी भारतीय को फ्रीडम ऑफ मूवमेंट का हक दिया गया है जो उनका मूलभूत अधिकार है. मेकॉन सेंट्रल गवर्नमेंट की अंडरटेकिंग है और यहां पर भी किसी को बगैर किसी कानून के आने से नहीं रोका जा सकता. 

इसी को आधार बनाते हुए अधिवक्ता ने आईपीसी की धारा 341, धारा 352, धारा 355, धारा 504, धारा 506 और धारा 323 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. सुरक्षा गार्ड से हुई बात को आधार बनाते हुए मेकॉन के सीएमडी सहित अन्य को पार्टी बनाया गया है.

मामले में पुलिस ने 8 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कर ली है और पुलिस के मुताबिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी.





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