vishal panwar August 22, 2020


पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Vidhansabha election) का बिगुल चुनाव आयोन ने बजा दिया है. बस तारीखों के आधिकारिक घोषणे का इंतजार है. लेकिन दल बदलने और अंदरूनी सियासत का खेल अब शुरू हो चुका है. बिहार में अब दलित पॉलिटिक्स पर राजनीति और तेज होने लगी है. जेडीयू के चार दलित मंत्रियों ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी सरकार की ओर से किए गए कामों का बखान किया.  

इस दौरान जेडीयू नेता और मंत्री अशोक चौधरी (Ashok Chaudhary) ने कहा कि कल्याण विभाग के 16 करोड़ का बजट 40 करोड़ का हुआ है. पिछड़ों को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है. आरक्षण को 9वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए चिठ्ठी भी लिखी गई है. 

उन्होंने कहा कि हमने पंचायती राज में दलितों को नया नेतृत्व दिलाया है. हजारों सालों से दबे कुचले वर्ग को नेतृत्व भी दिया. हमने महादलित महादलित जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था. दलितों के उत्थान के लिए सबसे ज्यादा नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने ही काम किया है.

वही जेडीयू नेता व मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि जिसने कभी सोचा नहीं था, उन्हें वो पद मिला. स्पीकर का पद दलित को दिया गया. दलित में पैदा होने से कोई दलित का नेता नहीं होता है. बिहार में नीतीश कुमार से बड़ा कोई दलित का नेता नहीं. 

उन्होंने बताया कि यादव समाज के सबसे बड़े नेताओं में शुमार रामलखन यादव और दारोगा राय के परिजन चंद्रिका राय भी जेडीयू में शामिल हुए हैं. बिहार का विकास करके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उत्थान किया है. साथ ही महेश्वर हजारी ने कहा कि दलित समाज के लोग आनेवाले चुनाव में बड़ी संख्या में वोट देंगे. एनडीए को 200 से ज्यादा सीटें चुनाव में मिलेंगी.

इस दौरान मंत्री रमेश ऋषिदेव ने कहा कि दलितों के लिए सबसे ज्यादा काम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही किया है. दलित समाज के बच्चों के लिए बहुत योजनाएं सीएम ने शुरू की है. दलित समाज के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई. जिनके पास पहनने के लिए चप्पल नहीं था, उसको बड़े पद मिले. दलितों के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोचते रहते हैं. गरीब के नेता सिर्फ और सिर्फ नीतीश कुमार हैं.

उन्होंने कहा कि स्वार्थ के लिए श्याम रजक आरजेडी में भागे हैं. क्षेत्र में हारने के डर से श्याम रजक वहां भाग खड़े हुए. दलित सबक सिखा देंगे. 2005 से पहले के मुख्यमंत्री सिर्फ फोटो खिंचवाते थे. हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में विश्वास करते हैं. इस बार भी भारी बहुमत से नीतीश कुमार की सरकार बनेगी.

वही आरजेडी से जेडीयू में आयीं विधायक प्रेमा चौधरी ने कहा कि 20 सालों तक आरजेडी में रहने के बाद भी लगा कि वहां महिलाओं के लिए कोई स्थान नहीं है. उनका एमवाई समीकरण अब पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है. इस चुनाव में 8-10 सीटों पर आरजेडी सिमट जाएगी.





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