vishal panwar August 22, 2020


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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधानमंडल के मानसून सत्र के संबोधन पर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने पलटवार किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के अपने संबोधन में प्रदेश में पहले से बेहतर कानून-व्यवस्था और विकास की बातों पर मायावती ने कहा कि सिर्फ बात करने से सब ठीक नहीं हो जाता है।

विधानमंडल सत्र समाप्त होने के बाद मायावती ने एक के बाद एक कर चार ट्वीट किए और प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा कि भाजपा द्वारा केवल रामराज्य की बातें करने से यूपी की गरीब जनता का विकास व उत्थान आदि होने वाला नहीं है और न ही उन्हें जुल्म-ज्यादती से निजात मिलने वाला है। 

बल्कि श्रीराम के उच्च आदर्शों पर चलकर सरकार चलाने से ही यह सब संभव हो सकता है, जिसपर यह सरकार चलती हुई नजर नहीं आ रही है। उन्होंने आगे लिखा कि खासकर ब्राह्मण समाज के प्रति भाजपा की जातिवादी कार्यशैली से दुःखी होकर अब इस पार्टी से अलग होकर व बसपा में जुड़ते हुए देखकर इन्हें यह कह रहे हैं कि तिलक, तराजू की बात करने वाले अब परशुराम की बात कर रहे हैं। लेकिन यह समाज काफी बुद्धिमान है। इनके बहकावे में नहीं आएगा।

जबकि जग-जाहिर तौर पर तिलक, तराजू आदि की बात बसपा ने कभी नहीं कही और ना ही बाबरी मस्जिद के स्थान पर कभी शौचालय बनाने की बात कही है। ये सब घृणित आरोप विरोधियों ने केवल बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए जबरन हमारी पार्टी से जोड़ दिया है, जो अति-निंदनीय है।

उन्होंने लिखा कि यदि इस आरोप में थोड़ी भी सत्यता होती तो बसपा अपनी पिछली सरकार में खासकर ब्राह्मण समाज के विधायकों को बड़ी संख्या में मंत्री व अन्य उच्च पदों पर क्यों रखती? वैसे यह समाज सब कुछ जानता है। वे बिल्कुल गुमराह नहीं होंगे। पार्टी को इनपर पूरा भरोसा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधानमंडल के मानसून सत्र के संबोधन पर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने पलटवार किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के अपने संबोधन में प्रदेश में पहले से बेहतर कानून-व्यवस्था और विकास की बातों पर मायावती ने कहा कि सिर्फ बात करने से सब ठीक नहीं हो जाता है।

विधानमंडल सत्र समाप्त होने के बाद मायावती ने एक के बाद एक कर चार ट्वीट किए और प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा कि भाजपा द्वारा केवल रामराज्य की बातें करने से यूपी की गरीब जनता का विकास व उत्थान आदि होने वाला नहीं है और न ही उन्हें जुल्म-ज्यादती से निजात मिलने वाला है। 

बल्कि श्रीराम के उच्च आदर्शों पर चलकर सरकार चलाने से ही यह सब संभव हो सकता है, जिसपर यह सरकार चलती हुई नजर नहीं आ रही है। उन्होंने आगे लिखा कि खासकर ब्राह्मण समाज के प्रति भाजपा की जातिवादी कार्यशैली से दुःखी होकर अब इस पार्टी से अलग होकर व बसपा में जुड़ते हुए देखकर इन्हें यह कह रहे हैं कि तिलक, तराजू की बात करने वाले अब परशुराम की बात कर रहे हैं। लेकिन यह समाज काफी बुद्धिमान है। इनके बहकावे में नहीं आएगा।

जबकि जग-जाहिर तौर पर तिलक, तराजू आदि की बात बसपा ने कभी नहीं कही और ना ही बाबरी मस्जिद के स्थान पर कभी शौचालय बनाने की बात कही है। ये सब घृणित आरोप विरोधियों ने केवल बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए जबरन हमारी पार्टी से जोड़ दिया है, जो अति-निंदनीय है।

उन्होंने लिखा कि यदि इस आरोप में थोड़ी भी सत्यता होती तो बसपा अपनी पिछली सरकार में खासकर ब्राह्मण समाज के विधायकों को बड़ी संख्या में मंत्री व अन्य उच्च पदों पर क्यों रखती? वैसे यह समाज सब कुछ जानता है। वे बिल्कुल गुमराह नहीं होंगे। पार्टी को इनपर पूरा भरोसा।





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