vishal panwar August 22, 2020


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अयोध्या। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन की अफवाह सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष देव पांडेय ने एक शिक्षक को शुक्रवार को निलंबित कर दिया।
बीएसए संतोष देव पांडेय ने बताया कि तीन दिन पूर्व शिक्षा क्षेत्र मया के गौहनिया पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक रामचंद्र पाल ने सोशल मीडिया पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन की गलत सूचना प्रसारित करके शोक संवेदना व्यक्त की थी। इससे एक नकारात्मक संदेश गया है। इस तरह का कृत्य शिक्षक आचरण नियमावली के विपरीत है। उक्त मामले को एडी बेसिक ने गंभीरता से संज्ञान में लेकर कार्रवाई का निर्देश दिया था, जिसके अनुपालन में शिक्षक को निलंबित किया गया है।

बता दें कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की चिकित्सा स्थिति में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं आया है। वे अचैतन्य अवस्था में हैं और उनका श्वसन संक्रमण का इलाज चल रहा है। दिल्ली कैंट स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उनके वाइटल पैरामीटर स्थिर बने हुए हैं। उन्हें लगातार जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया है।

इससे पहले शुक्रवार को आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ने बताया था कि मुखर्जी की चिकित्सा स्थिति स्थिर बनी हुई है। फेफड़ों के संक्रमण के लिए उनका इलाज किया जा रहा है और अब भी वह जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। उनके अहम और क्लिनिकल पैरामीटर स्थिर बने हुए हैं यानी वे हेमोडायनामिक रूप से स्थिर हैं।

वहीं गुरुवार को अस्पताल की ओर से बताया गया था कि मुखर्जी के श्वसन संबंधी मापदंडों में हल्का सुधार आया है, लेकिन अब भी वह जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। 84 साल के मुखर्जी को 10 अगस्त को सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनकी मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। इससे पहले कोविड-19 जांच में उनके संक्रमित होने की भी पुष्टि हुई थी।

बुधवार (19 अगस्त) को अस्पताल के अधिकारियों ने कहा था कि पूर्व राष्ट्रपति की फेफड़ों में संक्रमण होने के कारण तबीयत ज्यादा खराब हो गई है। इससे एक दिन पहले पूर्व राष्ट्रपति के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने कहा था कि उनके पिता की हालत स्थिर बनी हुई है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा था कि ‘आप सभी की शुभकामनाओं और डॉक्टरों के ईमानदार प्रयासों के कारण मेरे पिता की हालत अब स्थिर है। उनका स्वास्थ्य नियंत्रण में है और उसकी देखरेख की जा रही है।’ 

अयोध्या। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन की अफवाह सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष देव पांडेय ने एक शिक्षक को शुक्रवार को निलंबित कर दिया।

बीएसए संतोष देव पांडेय ने बताया कि तीन दिन पूर्व शिक्षा क्षेत्र मया के गौहनिया पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक रामचंद्र पाल ने सोशल मीडिया पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन की गलत सूचना प्रसारित करके शोक संवेदना व्यक्त की थी। इससे एक नकारात्मक संदेश गया है। इस तरह का कृत्य शिक्षक आचरण नियमावली के विपरीत है। उक्त मामले को एडी बेसिक ने गंभीरता से संज्ञान में लेकर कार्रवाई का निर्देश दिया था, जिसके अनुपालन में शिक्षक को निलंबित किया गया है।

बता दें कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की चिकित्सा स्थिति में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं आया है। वे अचैतन्य अवस्था में हैं और उनका श्वसन संक्रमण का इलाज चल रहा है। दिल्ली कैंट स्थित आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उनके वाइटल पैरामीटर स्थिर बने हुए हैं। उन्हें लगातार जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया है।

इससे पहले शुक्रवार को आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल ने बताया था कि मुखर्जी की चिकित्सा स्थिति स्थिर बनी हुई है। फेफड़ों के संक्रमण के लिए उनका इलाज किया जा रहा है और अब भी वह जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। उनके अहम और क्लिनिकल पैरामीटर स्थिर बने हुए हैं यानी वे हेमोडायनामिक रूप से स्थिर हैं।

वहीं गुरुवार को अस्पताल की ओर से बताया गया था कि मुखर्जी के श्वसन संबंधी मापदंडों में हल्का सुधार आया है, लेकिन अब भी वह जीवनरक्षक प्रणाली पर हैं। 84 साल के मुखर्जी को 10 अगस्त को सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनकी मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। इससे पहले कोविड-19 जांच में उनके संक्रमित होने की भी पुष्टि हुई थी।

बुधवार (19 अगस्त) को अस्पताल के अधिकारियों ने कहा था कि पूर्व राष्ट्रपति की फेफड़ों में संक्रमण होने के कारण तबीयत ज्यादा खराब हो गई है। इससे एक दिन पहले पूर्व राष्ट्रपति के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने कहा था कि उनके पिता की हालत स्थिर बनी हुई है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा था कि ‘आप सभी की शुभकामनाओं और डॉक्टरों के ईमानदार प्रयासों के कारण मेरे पिता की हालत अब स्थिर है। उनका स्वास्थ्य नियंत्रण में है और उसकी देखरेख की जा रही है।’ 



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