vishal panwar August 22, 2020


पटना: बिहार में ‘सुशासन की सरकार’ में बड़ा स्वास्थ्य घोटाला सामने आया है. यहां 60 वर्ष की महिला को कई बार बच्चा होने के नाम पर जननी सुरक्षा राशि की निकासी हुई है. मामला संज्ञान में आने के बाद, जिलाधिकारी ने जांच दल का गठन किया है.

दरअसल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission) में महिलाओं (बच्चा जन्म देनेवाली) को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का घोटाला सामने आया है. इसमें कई ऐसी महिलाओं के भी नाम सामने आए हैं, जिनकी उम्र 60 वर्ष से भी ज्यादा है और पिछले बीस वर्षों में उन्हें कोई बच्चा नहीं हुआ है.

ऐसी कई महिलाओं के खातों में प्रोत्साहन राशि डालकर पैसे का निकासी कर ली गयी है. जबकि, उन लाभुक महिलाओं को एक बार भी पैसा नहीं मिला है. इतना ही नहीं एक ही महिलाओं के खाते में एक वर्ष में ही कई कई बार प्रोत्साहन राशि 1400 रुपए डाले गए हैं और उनकी निकासी भी कर ली गई है. मुसहरी प्रखंड की महिला शांति देवी (65) के खाते में एक बार नहीं, बल्कि 13 महीने के भीतर 6 बार 1400 रुपए की राशि भेजी गई है.

जानकारी के अनुसार, पहली बार 3 जुलाई 2019 को स्वास्थ्य विभाग ने 1400 रुपए खाते में भेजा. 3 जुलाई 2019 को ही फिर से शांति देवी के खाते में फिर से 1400 रुपए भेजे गए. यानि एक ही डेट में दो बार स्वास्थ्य विभाग ने राशि भेजी.
इसके बाद यह सिलसिला चलता रहा और  प्रति 3 महीने पर खाते में 1400 रुपए की राशि आ रही है. अंतिम बार इस महीने में 3 अगस्त को 11,400 रुपए खाते में भेजे गए. जबकि, शांति देवी को एक बार भी रुपए नहीं मिले.

इनके खाते से राशि क्रेडिट होने के अगले दिन ही रुपए निकाल भी लिया गया. वहीं, शांति देवी ने कहा, ‘हमारा उम्र है कि बच्चा होगा. इस उम्र में मेरे नाम पर पैसा आया और निकासी हुआ, हमको जानकारी तक नहीं है. मेरे पति 10 वर्षो से बीमार हैं.’

इसके बाद, वह सीएसपी गई जहां, सीएसपी संचालक फरार था. वहां एक महिला कर्मी थी, जिसने अकाउंट डिटेल मांगने पर मशीन खराब होने की बात कही और बताया कि संचालक अभी नहीं है. गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना की प्रोत्साहन में स्वास्थ्य विभाग में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है.

जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा है कि, यह एक गंभीर मामला है. इसमें 4 सदस्यी जांच दल का गठन किया गया है. इनसे 2 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है और अगर यह मामला सत्य पाया जाता है तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी, विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.

जानकारी के अनुसार, मालूम हो कि जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एक सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम है. इसका उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं के संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना है. केंद्र सरकार इसके लिए गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मदद देती है.





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