vishal panwar December 28, 2020


मुंबई: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने आईसीसी (ICC) से डीआरएस (DRS) में अंपायर्स कॉल (Umpire’s Call) की संपूर्ण समीक्षा करने की मांग की है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में दूसरे टेस्ट मैच के दौरान भारत को इस नियम का खामियाजा भुगतना पड़ा.

‘अंपायर्स कॉल’ तब मुख्य रूप से सामने आता है जबकि एलबीडब्ल्यू (LBW) के लिये ‘रिव्यू’ की मांग की गई हो. इस स्थिति में अगर अंपायर ने नॉट आउट दिया है तो रिव्यू में ये पता चलने पर कि गेंद स्टंप पर लग रही है, टीवी अंपायर के पास फैसला बदलने का अधिकार नहीं होता है.

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गेंदबाजी टीम के लिये यही अच्छी बात होती है कि वह अपना रिव्यू नहीं गंवाती है. सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘खिलाड़ी इसलिए रिव्यू लेते हैं क्योंकि वो मैदानी अंपायर के फैसले से नाखुश होते हैं. आईसीसी को डीआरएस प्रणाली खासकर अंपायर्स कॉल (Umpire’s Call) की संपूर्ण समीक्षा करने की जरूरत है.’

ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज जो बर्न्स (Joe Burns) और मार्नस लाबुशेन के खिलाफ एलबीडब्ल्यू (LBW) की अपील के बाद रीप्ले में लगा कि गेंद गिल्लियों को छूकर गई लेकिन अंपायर्स कॉल की वजह से दोनों बल्लेबाज क्रीज पर बने रहे.

ऑस्ट्रेलियाई स्पिन दिग्गज शेन वार्न (Shane Warne) ने सबसे पहले इस नियम की आलोचना की थी जिसे अनिल कुंबले (Anil Kumble) की अगुवाई वाली आईसीसी क्रिकेट समिति ने तैयार किया है.

शेन वार्न लगातार कहते रहे हैं कि वह अंपायर्स कॉल को कभी नहीं समझ पाए. उन्होंने पिछले साल कहा था, ‘अगर गेंद स्टंप को हिट कर रही हो तो यह आउट भी हो सकता है और नॉट आउट भी.’
(इनपुट-भाषा)





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