vishal panwar August 24, 2020


मेरठ और गजरौला में एनसीईआरटी की नकली किताबों के सौदागर भाजपा के निलंबित नेता संजीव गुप्ता और उसके भतीजे सचिन गुप्ता पर चौतरफा शिकंजा कसने की तैयारी है। शासन स्तर से इस संबंध में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 

भाटवाड़ा बुढ़ाना गेट निवासी संजीव और सुशांत सिटी परतापुर निवासी सचिन की जहां एसटीएफ और मेरठ पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है तो वहीं दूसरे सरकारी विभाग भी चाचा-भतीजा की अपने-अपने स्तर पर घेराबंदी में लगे हैं। 

बताया गया कि सोमवार को एमडीए के अधिकारी संजीव गुप्ता के परतापुर अच्छरौंडा-कांशी मार्ग स्थित किताबों के गोदाम और मोहकमपुर स्थित टीएनएचके पब्लिकेशन की जांच करेंगे। जिसमें देखा जाएगा कि संजीव और सचिन द्वारा जिस गोदाम और फैक्टरी में नकली किताबें छापी और जमा की जा रही थीं, वह वैध हैं या अवैध। उनका एमडीए में नक्शा पास है या नहीं। एमडीए के अलावा व्यापार कर विभाग की टीम भी अपने स्तर से सर्वे और छापा कार्रवाई में जुटी है। 

आयकर विभाग मांगेगा हिसाब
पिछले एक दशक से नकली किताबों को छापकर और बेचकर लाखों, करोड़ों का खेल करते आ रहे संजीव और सचिन से आयकर विभाग भी हिसाब मांगने की तैयारी में है। एसटीएफ ने शुक्रवार दोपहर परतापुर के गोदाम से 35 करोड़ से ज्यादा की नकली किताबें बरामद की थीं। जिसके बाद शुक्रवार देर रात गजरौला में भी सचिन गुप्ता की फैक्टरी पर छापा मारकर करोड़ों की किताबें बरामद की थीं। 

आयकर विभाग के अलावा राज्य वस्तु एवं सेवा कर (स्टेट जीएसटी) भी जांच में जुटा है। हालांकि किताबों पर कोई जीएसटी नहीं लगता है। लेकिन किताबें छापने में जो कागज इस्तेमाल किया गया है, वह किसी रजिस्टर्ड फर्म से नहीं खरीदा गया है तो उस पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। टीम अभी तक 11 करोड़ की किताबें मिलने का आकलन कर चुकी है। वहीं, सभी विभागों के अधिकारियों का कहना है कि संजीव और सचिन की मेरठ और गजरौला दोनों जगहों के गोदाम और प्रकाशन स्थल की जांच होगी। 

पुलिस पर नहीं भरोसा, गार्ड भेजे
नकली किताबें छापने वाले संजीव गुप्ता और सचिन गुप्ता के लोग मोहकमपुर और परतापुर में गोदाम और फैक्टरी पर निगाह रखे हैं। उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है। पब्लिकेशन हाउस के मैनेजर ने रविवार को गोदाम पर तैनाती के लिए चार गार्ड भेजे। लेकिन पुलिस ने पूछताछ के बाद चारों को वापस भेज दिया। 

आरोपियों का चालान, तलाश में दबिश
एसटीएफ संजीव और सचिन गुप्ता की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। वहीं, शनिवार को गिरफ्तार दिखाए गए कामगार सुनील, राहुल, आकाश और शिवम का चालान कर दिया गया। 

दोनों जगह गारद लगेगी
एनसीईआरटी की नकली किताबें जहां प्रकाशित की जा रही थीं और जिस गोदाम में इनका डुप्लीकेट भंडार जमा था, इन दोनों जगह पुलिस की गारद तैनात रहेगी। फिलहाल वहां चार-चार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।



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