vishal panwar August 23, 2020


नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में LAC का अतिक्रमण कर अंदर घुसे हुए चीन ने फिर नई चाल चली है. चीन ने भारत को प्रस्ताव दिया है कि यदि वह फिंगर 4 इलाके से अपनी सेना को पीछे करने को तैयार हो जाता है तो वह भी उतनी ही दूरी और मात्रा में अपने सैनिक पीछे कर लेगा. चीन के इस प्रस्ताव को भारत ने अस्वीकार कर दिया है और उससे मांग की है कि वह सीमा पर 5 मई से पहले वाली स्थिति बहाल करे. 

बता दें कि अप्रैल अंत में युद्धाभ्यास के बहाने तिब्बत क्षेत्र में पहुंची चीन की सेना (PLA) ने कई जगहों पर एलएसी का उल्लंघन कर अपने infrastructure बना लिए. साथ ही उन इलाकों में सेना, टैंक, तोप, विमान और दूसरे हथियारों की तैनाती कर दी गई. उसके बाद से चीन को टक्कर देते हुए भारतीय सेना और वायु सेना भी पिछले 3 महीने से चीन के सामने एलएसी पर तैनात है. 
 
सूत्रों के मुताबिक भारत के अडिग रूख को देखते हुए अब चीन ने भारत को प्रस्ताव दिया है कि वह पैंगोंग झील के फिंगर 4 इलाके में डिस- एंगेजमेंट के लिए तैयार है. लेकिन इसके लिए भारत को भी इस इलाके से अपनी सेना और हथियार हटाने पड़ेंगे. ऐसा करने पर वह भी बराबर मात्रा में सैनिक और हथियार पीछे कर लेगा. भारत ने चीन के इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज करते हुए उसे फिंगर 8 के पीछे पुरानी पोजिशन पर जाने के लिए कहा है. 

फिंगर 4 की ऊंची चोटियों पर अब भी बने हुए हैं चीन के सैनिक
जानकारी के मुताबिक फिंगर 4 के इलाके से चीन के सैनिक अब भले ही हट गए हैं. लेकिन ऊंचाई वाली चोटियों पर अब भी उसके सैनिकों ने पोजिशन बना रखी है. फिंगर 4 से हटने के बाद चीनी सैनिकों ने फिलहाल फिंगर 5 पर पोजिशन ले रखी है. साथ ही फिंगर 5 से 8 तक के करीब 5 किमी के इलाके में भारी मात्रा में सैनिक और पहाड़ों पर इस्तेमाल होने वाले हथियार भी तैनात कर रखे हैं. 

खुफिया एजेंसियों का मानना है कि चीन का इरादा पैंगोंग इलाके में पीछे हटने का नहीं है. इसलिए वह बातचीत का दिखावा करके अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करने में लगा है. इसे देखते हुए भारतीय सेना और वायु सेना भी अपनी तैयारियों को आगे बढ़ा रही हैं. सेनाओं के दोनों अंगों ने अपने फील्ड कमांडरों को हर वक्त चौकस रहने और चीन के किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब देने के लिए पूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया है.

सूत्रों के मुताबिक चीन की सेना लद्दाख की भीषण ठंड में रहने का पूरा इंतजाम करके आई है. इसे देखते हुए माना जा रहा है कि अतिक्रमण का यह विवाद लंबा चलने वाला है. ऐसे में भारतीय सेना भी लद्दाख में मौजूद अपने हजारों सैनिकों और हथियारों को भीषण सर्दी से बचाने के लिए तैयारियां कर रही है. 

आपसी समझौतों का उल्लंघन कर रहा है चीन
भारतीय सेना के अधिकारियों के अनुसार चीन ने एलएसी पर अतिक्रमण करके 1993 और 1996 में हुए उन समझौतों का उल्लंघन किया है. इन समझौतों में कहा गया है कि दोनों देश LAC के प्रतिबंधित इलाकों में कोई निर्माण नहीं कर सकेंगे. लेकिन चीन लगातार इन समझौतों का उल्लंघन कर रहा है. भारत लगातार चीन के सामने इस मुद्दे को उठा रहा है लेकिन चीन समुचित जवाब नहीं दे रहा है. 

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भारतीय सेना ने चीन से स्पष्ट किया है कि सबसे पहले उसे दोनों देशों की सेनाओं के बीच डिस-एंगेज करना चाहिए. उसके बाद देपसांग प्लेन और दौलत बेग ओल्डी इलाके में डि- एस्लेशन प्रक्रिया पर चर्चा हो सकती है. 

योजना के तहत चीन ने LAC पर खोल रखे हैं कई मोर्चे

सूत्रों के मुताबिक भारत को सीमा मुद्दे पर उलझाए रखने के लिए चीन ने जानबूझकर LAC पर कई जगह मोर्चे खोल रखे हैं. इसी योजना के तहत उसने लद्दाख के फिंगर इलाके, गलवान घाटी, गोगरा हाइट और हॉट स्प्रिंग इलाके में सेना आगे बढ़ाई है. उसने हाल ही में भारत- नेपाल और चीन के ट्राई- जंक्शन लिपुलेख इलाके की ओर भी अपनी सेना आगे बढ़ाते हुए करीब 1 हजार सैनिक वहां तैनात किए हैं. 

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